अजमेर उर्स: कलंदर-मलंगों का हैरतअंगेज जुलूस, आंखों में सरिया-चाकू डालकर दिखाए करतब
अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स के दौरान देशभर से आए करीब 2 हजार कलंदर-मलंगों ने दिल्ली से 450 किमी पैदल सफर कर अजमेर पहुंचकर भव्य जुलूस निकाला। जुलूस में उन्होंने आंखों में सरिया-चाकू डालना, जीभ और गर्दन आर-पार छड़ घुसाना जैसे हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो उनकी गहन आस्था का प्रतीक हैं। लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और जुलूस दरगाह पहुंचकर समाप्त हुआ।
अजमेर शरीफ। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रहमतुल्लाह अलैह) उर्फ गरीब नवाज के 814वें सालाना उर्स के दौरान रविवार (21 दिसंबर 2025) को कलंदर और मलंगों का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में देशभर से आए करीब 2 हजार कलंदर-मलंगों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। किसी ने आंखों में लोहे का सरिया डाल लिया, तो किसी ने चाकू से पुतलियां बाहर निकाल दीं। कुछ ने जीभ और गर्दन के आर-पार नुकीली छड़ें घुसा लीं, जबकि कई ने शरीर को धारदार हथियारों से भेदा। ये करतब उनकी आस्था और तपस्या का प्रतीक माने जाते हैं।
