"नोसर तालाब: आसोप गाँव का ऐतिहासिक जलस्रोत, जो आज भी बुझाता है 30 गाँवों की प्यास"

भोपालगढ़ जोधपुर जिले में स्थित, अपने ऐतिहासिक नोसर तालाब के लिए प्रसिद्ध है, जो 400-500 साल पुराना है और 30 से अधिक गाँवों की प्यास बुझाता है। यह तालाब आज भी स्थानीय लोगों के लिए प्रमुख जलस्रोत है, जहाँ आधुनिक जलापूर्ति की कमी के कारण लोग इस पर निर्भर हैं। आसोप का इतिहास कूंपावत राठौड़ों और ठाकुर नाहरसिंह की वीरता से जुड़ा है, जिन्होंने बादशाह के दरबार में शेर को मारकर जोधपुर महाराजा के प्राण बचाए। गाँव का किला और तालाब की प्राचीन छतरियाँ मारवाड़ की समृद्ध विरासत को दर्शाती हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 5, 2025 • 2:48 PM  35
राजस्थान
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"नोसर तालाब: आसोप गाँव का ऐतिहासिक जलस्रोत, जो आज भी बुझाता है 30 गाँवों की प्यास"
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5 Jul 2025
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"नोसर तालाब: आसोप गाँव का ऐतिहासिक जलस्रोत, जो आज भी बुझाता है 30 गाँवों की प्यास"

राजस्थान का जोधपुर जिला, भोपालगढ़ जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, में एक ऐसा गाँव बसा है जो न केवल अपने वीरतापूर्ण इतिहास के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि एक अनूठे जलस्रोत के लिए भी चर्चा में है। यह गाँव है आसोप, जहाँ का नोसर तालाब आज भी करीब 30 से अधिक गाँवों की प्यास बुझाने का प्रमुख साधन है। यह तालाब न केवल जल संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि मारवाड़ के गौरवशाली इतिहास और स्थानीय लोगों की निर्भरता का जीवंत उदाहरण भी है।

नोसर तालाब:आसोप की जीवनरेखा

 आसोप गाँव में स्थित नोसर तालाब एक प्राचीन जलस्रोत है, जो 400-500 साल पुराना माना जाता है। यह तालाब न केवल आसोप, बल्कि आसपास के 30 से अधिक गाँवों के लिए पीने के पानी और सिंचाई का मुख्य स्रोत रहा है। आधुनिक समय में, जब कई गाँवों में नल के माध्यम से जलापूर्ति उपलब्ध है, तब भी आसोप और इसके आसपास के गाँवों के लोग इस तालाब के पानी पर निर्भर हैं। यह तालाब स्थानीय लोगों के लिए जीवनरेखा की तरह है, विशेष रूप से तब, जब क्षेत्र में जल की कमी एक गंभीर समस्या बनी रहती है। नोसर तालाब के आसपास बनी ऐतिहासिक छतरियाँ इसकी प्राचीनता और सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ाती हैं। ये छतरियाँ, जो 400-500 साल पुरानी बताई जाती हैं, मारवाड़ के शासकों और वीरों की याद दिलाती हैं। तालाब और इसके आसपास की संरचनाएँ स्थानीय कारीगरों की कला और स्थापत्य की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। यह तालाब न केवल जल संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि मारवाड़ की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाता है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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