नकली खाद-बीज से किसानों का नुकसान: सदन में खुलासा, 2220 नमूने फेल; हरिश चौधरी बोले- सरकार बनाए सख्त कानून और मुआवजा नीति
राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सोमवार (9 मार्च 2026) को बायतु विधायक हरिश चौधरी ने नकली/खराब/अमानक बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के मुद्दे को उठाया। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सदन में बताया कि 2023-24, 2024-25 और 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में कुल 2220 नमूने अमानक पाए गए। अमानक सामग्री मिलने पर कार्रवाई (जब्ती, FIR, लाइसेंस निरस्ती) होती है, लेकिन किसानों को फसल खराब होने के नुकसान की भरपाई का कोई प्रावधान नहीं है। विधायक ने इसे चिंताजनक और किसानों के साथ अन्याय बताया, तथा मांग की कि नकली सामग्री पर सख्त कानून बनाया जाए, जांच व्यवस्था मजबूत हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और नुकसान की भरपाई की नीति बने। विधायक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि किसान पहले से मौसम, पानी की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, अमानक सामग्री से उनकी मेहनत बर्बाद हो जाती है।
राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सोमवार (9 मार्च 2026) को बायतु विधायक हरिश चौधरी (कांग्रेस) ने प्रदेश में नकली/खराब/अमानक बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। विधायक ने पूछा कि क्या सरकार ने अमानक कृषि सामग्री के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई का कोई प्रावधान किया है? सरकार की ओर से दिए गए जवाब ने किसानों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।
मुख्य तथ्य और सरकार का जवाब
कृषि मंत्री ने सदन में बताया कि वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में प्रदेश के विभिन्न स्थानों से लिए गए उर्वरक, बीज और कीटनाशकों के कुल 2220 नमूने अमानक (substandard) पाए गए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि नकली या खराब बीज, उर्वरक और कीटनाशक मिलने से फसल खराब हो जाती है, लेकिन किसानों को हुए नुकसान की भरपाई का कोई प्रावधान सरकार के पास नहीं है।विधायक हरिश चौधरी ने इसे बहुत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा खुद साबित करता है कि प्रदेश में किसानों को मिल रही कृषि सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हैं।