पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में राजस्थान सरकार के कर्मचारी शकूर खान को 21 जून तक जेल
जैसलमेर रोजगार कार्यालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी शकूर खान को पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में 21 जून 2025 तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उनके मोबाइल की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान उच्चायोग से जुड़े दानिश नामक व्यक्ति के साथ संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान का खुलासा हुआ। खान की सात अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और 2019 में बनवाए पासपोर्ट की जांच चल रही है। 2000 में चपरासी के रूप में करियर शुरू करने वाले खान 2008-2013 में कांग्रेस नेता सालेह मोहम्मद के निजी सहायक भी रहे।
राजस्थान के जैसलमेर रोजगार कार्यालय में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात शकूर खान को पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के मामले में 21 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मंगलवार को 8 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद खान को कोर्ट में पेश किया गया, जहां जांच अधिकारी ने रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग नहीं की। इसके बाद कोर्ट ने खान को जेल भेजने का आदेश दिया। हालांकि, जांच एजेंसियों ने कोर्ट को सूचित किया कि यदि भविष्य में पूछताछ की आवश्यकता हुई, तो खान को जेल से रिमांड पर लिया जाएगा।
पाकिस्तान उच्चायोग से संबंध का खुलासा
जांच अधिकारियों के अनुसार, शकूर खान के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान उच्चायोग से कथित तौर पर जुड़े दानिश नाम के व्यक्ति से उसके संबंध का पता चला है। खान और दानिश के बीच हुई चैट से खुलासा हुआ कि खान ने कई बार पाकिस्तानी एजेंसी के साथ संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान किया। अधिकारियों ने बताया कि खान के मोबाइल फोन को गहन डेटा रिकवरी के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है, जिसके नतीजे जांच के अगले कदमों को निर्धारित करेंगे।
घर से मिला पासपोर्ट, सात अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की जांच
रिमांड के दौरान शकूर खान को उसके घर ले जाया गया, जहां तलाशी में 2019 में बनवाया गया एक पासपोर्ट बरामद हुआ। जांच एजेंसियां अब खान की सात अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की जांच कर रही हैं। इसके लिए जैसलमेर रोजगार विभाग से रिकॉर्ड मांगा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खान की विदेश यात्राओं को किसने मंजूरी दी थी।