राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की 11वीं-12वीं कक्षाओं की CBSE मान्यता रद्द करने के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक; छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दिया फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 11वीं-12वीं की CBSE मान्यता रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए कोर्ट ने कहा कि छात्रों का कोई दोष नहीं है। स्कूल को 10 दिनों में 5 लाख रुपये जुर्माना जमा करने और 1 महीने में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। CBSE को 45 दिनों बाद स्कूल का दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। यह फैसला नवंबर 2025 में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा के सुसाइड के बाद CBSE की कार्रवाई के खिलाफ स्कूल की याचिका पर आया है।
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर स्थित प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 11वीं और 12वीं की CBSE मान्यता रद्द करने के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 23 फरवरी 2026 के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने स्कूल की याचिका पर सुनवाई के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का कोई दोष नहीं है, लेकिन वे सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इसलिए छात्र हितों और न्याय के संतुलन को बनाए रखते हुए अंतरिम राहत प्रदान करना आवश्यक है।
घटना की पृष्ठभूमि और CBSE का एक्शन
यह पूरा मामला 1 नवंबर 2025 को हुई एक दुखद घटना से जुड़ा है, जब कक्षा चौथी में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा अमायरा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस हादसे के बाद CBSE ने जांच कमेटी गठित की थी। जांच रिपोर्ट में स्कूल की मान्यता से संबंधित नियमों में गंभीर खामियां और छात्र सुरक्षा मानकों की अवहेलना पाई गई।