सचिन पायलट के बेटे आरन की पहली राजनीतिक उपस्थिति: जयपुर में NSUI की 'सेव अरावली, सेव फ्यूचर' पदयात्रा

26 दिसंबर 2025 को जयपुर में NSUI की 'सेव अरावली, सेव फ्यूचर' पदयात्रा हुई, जिसमें सचिन पायलट के 14 वर्षीय बेटे आरन पायलट ने पहली बार किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन अरावली में अवैध खनन और केंद्र सरकार की नई नीति के खिलाफ था, जिससे 90% क्षेत्र असुरक्षित हो सकता है। आरन की उपस्थिति को उनके राजनीतिक डेब्यू के रूप में देखा जा रहा है, जिसने राजस्थान की राजनीति में वंशवाद पर नई बहस छेड़ दी है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 28, 2025 • 6:16 PM  28
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सचिन पायलट के बेटे आरन की पहली राजनीतिक उपस्थिति: जयपुर में NSUI की 'सेव अरावली, सेव फ्यूचर' पदयात्रा
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सचिन पायलट के बेटे आरन की पहली राजनीतिक उपस्थिति: जयपुर में NSUI की 'सेव अरावली, सेव फ्यूचर' पदयात्रा

जयपुर, 26 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की राजस्थान इकाई ने 'सेव अरावली, सेव फ्यूचर' के बैनर तले एक बड़ी पदयात्रा का आयोजन किया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य अरावली पहाड़ियों में अवैध खनन और केंद्र सरकार की नई नीति के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। कांग्रेस का आरोप है कि अरावली की परिभाषा बदलकर केवल 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को ही संरक्षित माना जा रहा है, जिससे करीब 90% क्षेत्र असुरक्षित हो जाएगा और पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा होगा।इस पदयात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मुख्य आकर्षण रहे। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना उनका 14 वर्षीय बेटा आरन पायलट (कुछ रिपोर्ट्स में आरान या आरहन भी लिखा गया), जो पहली बार किसी राजनीतिक प्रदर्शन में अपने पिता के साथ नजर आए। आरन ने मार्च में हिस्सा लिया, नारे लगाए और कार्यकर्ताओं के साथ फोटो खिंचवाई। भीड़ में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इसे आरन का राजनीतिक डेब्यू या 'हार्ड लॉन्च' करार दिया है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे 'नेपो किड' की एंट्री कहकर व्यंग्य भी किया।

पदयात्रा का विवरण और घटनाक्रम नेतृत्व: NSUI राजस्थान अध्यक्ष विनोद जाखड़ (सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं) के नेतृत्व में मार्च शुरू हुआ।शुरुआत: जलूपुरा पुलिस स्टेशन के पास से।समापन: गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर। पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया क्योंकि अनुमति केवल वहीं तक थी। पुलिस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।विवाद: पहले मंच नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के घर के बाहर लगाने पर आपत्ति हुई, जिसके बाद इसे शिफ्ट किया गया।भागीदारी: सैकड़ों छात्र, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता शामिल हुए। भारी पुलिस बल तैनात रहा।

सचिन पायलट का संबोधन और आरोप सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:अरावली सदियों से उत्तर भारत के लिए 'सुरक्षा कवच' की तरह है। यह वायु प्रदूषण रोकती है, भूजल रिचार्ज करती है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखती है।अगर इसे नष्ट किया गया तो थार का रेगिस्तान दिल्ली तक फैल सकता है।फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि अरावली में 1.18 लाख पहाड़ियां 100 मीटर से कम ऊंचाई की हैं, जबकि केवल 1,048 ऊंची हैं। नई परिभाषा से 90% क्षेत्र असुरक्षित हो जाएगा।आरोप: सरकार शक्तिशाली हितों के लिए अवैध खनन को संरक्षण दे रही है। "जमीन पर सभी को हकीकत पता है।"

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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