थार के रेतीले रेगिस्तान में छिपा 20 करोड़ साल पुराना रहस्य, मगरमच्छ जैसा दिखने वाला जीवाश्म मिला...

जैसलमेर के मेघा गांव में थार के रेगिस्तान ने 20 करोड़ साल पुराना रहस्य उजागर किया! वैज्ञानिकों को मिला फाइटोसॉर का अनोखा जीवाश्म, जो मगरमच्छ जैसा दिखता है। डेढ़ से दो मीटर लंबा यह प्राचीन सरीसृप और इसके पास मिला अंडा जुरासिक युग के जलीय जीवन की कहानी बयां करता है। गांववाले इसे पिंजरे में बंद कर 24 घंटे पहरा दे रहे हैं, जबकि वैज्ञानिक जांच में जुटे हैं। भारत की यह पहली ऐसी खोज वैज्ञानिकों और ग्रामीणों के सहयोग का शानदार नमूना है!

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 30, 2025 • 12:20 PM  47
राजस्थान
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थार के रेतीले रेगिस्तान में छिपा 20 करोड़ साल पुराना रहस्य, मगरमच्छ जैसा दिखने वाला जीवाश्म मिला...
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थार के रेतीले रेगिस्तान में छिपा 20 करोड़ साल पुराना रहस्य, मगरमच्छ जैसा दिखने वाला जीवाश्म मिला...

जैसलमेर, राजस्थान: थार के रेतीले रेगिस्तान में एक ऐसी खोज हुई है, जो भारत के भूवैज्ञानिक इतिहास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ उपखंड के मेघा गांव में एक तालाब की खुदाई के दौरान वैज्ञानिकों को 20 करोड़ साल पुराना फाइटोसॉर (Phytosaur) जीवाश्म मिला है, जो देखने में मगरमच्छ जैसा है। यह भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे अच्छी तरह संरक्षित जीवाश्म माना जा रहा है। इस खोज ने न केवल वैज्ञानिकों को उत्साहित किया है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों में भी कौतूहल पैदा कर दिया है, जो इसे पिंजरे में बंद कर 24 घंटे पहरा दे रहे हैं।

खोज की शुरुआत: ग्रामीणों की नजर और वैज्ञानिकों की मेहनत

मेघा गांव में 21 अगस्त 2025 को तालाब की सफाई और खुदाई के दौरान स्थानीय निवासी श्याम सिंह ने सबसे पहले हड्डियों जैसी संरचना और पत्थरों पर असामान्य छाप देखी। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि यह किसी ऊंट या मवेशी का पुराना कंकाल हो सकता है। लेकिन जब तस्वीरें और जानकारी जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग तक पहुंची, तो भूवैज्ञानिकों की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। इस टीम का नेतृत्व जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के अर्थ सिस्टम साइंस फैकल्टी के डीन और वरिष्ठ जीवाश्म वैज्ञानिक प्रोफेसर वी.एस. परिहार ने किया। उनके साथ भूजल वैज्ञानिक डॉ. नारायण दास इणखिया, अंशुल हर्ष और पवन कुमार भी शामिल थे।प्रोफेसर परिहार ने जांच के बाद पुष्टि की कि यह जीवाश्म फाइटोसॉर का है, जो जुरासिक युग (लगभग 20.14 करोड़ साल पहले) का एक सरीसृप था। यह जीव मगरमच्छ जैसी बनावट वाला था, जिसकी लंबाई डेढ़ से दो मीटर के बीच थी। इसके पास एक जीवाश्मीकृत अंडा भी मिला, जो इस प्रजाति के प्रजनन व्यवहार को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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