खनन मजदूरों के मुद्दे पर एक सुर में दिखे रविंद्र सिंह भाटी और हरीश चौधरी, सरकार पर बढ़ा समाधान का दबाव
राजस्थान में खनन कार्य से जुड़े मजदूरों और ड्राइवरों की मांगों को लेकर राजनीति तेज हो गई है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी जहां आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं, वहीं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर इन्हीं मुद्दों के समाधान की मांग की है। दोनों नेताओं के अलग-अलग राजनीतिक रास्तों के बावजूद मुद्दों पर समान सोच दिखाई दे रही है।
राजस्थान के पश्चिमी इलाके में खनन कार्य से जुड़े मजदूरों और वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी लगातार आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के जरिए सरकार तक आवाज पहुंचाने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर इन्हीं मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि खनन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे अब केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी व्यापक समर्थन हासिल कर रहे हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा और शैली रखने वाले दोनों नेता मजदूरों और ड्राइवरों की समस्याओं को लेकर एक जैसी चिंता जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
दरअसल, खनन कार्य में लगे हजारों मजदूर और वाहन चालक लंबे समय से रोजगार, सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था, रॉयल्टी नियमों और प्रशासनिक सख्ती जैसे मुद्दों को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती पाबंदियों और कार्रवाई के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई इलाकों में ट्रकों और डंपरों के संचालन पर प्रभाव पड़ा है, जिससे मजदूरों की आय भी प्रभावित हुई है।