धरने के बीच रविंद्र सिंह भाटी की बिगड़ी तबीयत, फिर अचानक क्यों बोले “सड़कें जाम करना हमें भी आता है, हिम्मत है तो जेल भेज दो”?
बाड़मेर के गिरल गांव में जारी धरने के दौरान भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर इलाज किया, लेकिन इलाज के बाद भी भाटी धरना स्थल पर डटे रहे।
बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र के गिरल गांव में चल रहे आंदोलन के बीच बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब धरना स्थल पर मौजूद विधायक रविंद्र सिंह भाटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। भीषण गर्मी और लगातार चल रही हीटवेव के बीच पिछले कई दिनों से धरना स्थल पर डटे विधायक को चक्कर और कमजोरी की शिकायत हुई, जिसके बाद तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया।
सुबह करीब 8:30 बजे डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर उनका प्राथमिक उपचार किया और ड्रिप चढ़ाई। इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार बताया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने धरना स्थल छोड़ने से इनकार कर दिया और आंदोलनकारियों के बीच ही डटे रहे।
आठ दिनों से धरना स्थल पर मौजूद हैं भाटी
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी पिछले आठ दिनों से गिरल गांव में ग्रामीणों और श्रमिकों के साथ धरना स्थल पर लगातार मौजूद हैं। प्रदर्शनकारी खुले आसमान के नीचे रहकर आंदोलन कर रहे हैं और विधायक भी उन्हीं के साथ जमीन पर रात गुजार रहे हैं। यह आंदोलन राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) के खिलाफ ग्रामीणों और श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा है।