राजस्थान के डीग जिले में एक साधारण-सा स्कूल उस वक्त असाधारण बन गया, जब जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले अचानक वहां पहुंचे। नई सड़क स्थित लाल मनोहर लाल खंडेलवाल विद्यालय में यह कोई सामान्य दौरा नहीं था, बल्कि एक ऐसा प्रेरणादायक सत्र था जिसने सैकड़ों छात्रों की सोच और दिशा दोनों बदल दी।
सुबह करीब 8 बजे जैसे ही SP कांबले स्कूल पहुंचे, पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। शिक्षकों और स्टाफ ने उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में साफा और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। लेकिन असली असर तब दिखा, जब उन्होंने मंच संभाला और माइक उठाया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच शुरू हुआ उनका संबोधन धीरे-धीरे एक गहरी खामोशी में बदल गया—क्योंकि हर छात्र उनकी बातों में खो चुका था।
SP कांबले ने अपने जीवन के संघर्षों को बेहद सरल और भावुक अंदाज में साझा किया। उन्होंने बताया कि वे एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं, जहां संसाधन सीमित थे लेकिन सपने बड़े थे। बचपन में गांव के लोगों की उम्मीदों ने उन्हें एक दिशा दी। उन्होंने कहा, “जब लोग आप पर भरोसा करते हैं, तो वही भरोसा आपकी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।”
उन्होंने छात्रों को समझाया कि सफलता का रास्ता कभी आसान नहीं होता, लेकिन अगर आप अपने लक्ष्य को लेकर जिद्दी हो जाएं, तो कोई भी मुश्किल आपको रोक नहीं सकती। “जिद पालो, लक्ष्य चुनो और इतिहास रच दो,”—उनका यह संदेश छात्रों के बीच गूंजता रहा।
अपने संबोधन के दौरान SP कांबले ने एक ऐसा मुद्दा उठाया, जिसने पूरे माहौल को और गंभीर बना दिया—सोशल मीडिया का प्रभाव। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया छात्रों के लिए सबसे बड़ा भटकाव बन चुका है। इसे उन्होंने ‘डिजिटल जहर’ बताते हुए कहा कि जब तक आप अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर लेते, तब तक इस आभासी दुनिया से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि घंटों मोबाइल पर समय बिताने से न केवल पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि मानसिक एकाग्रता भी कमजोर होती है। इसके साथ ही उन्होंने साइबर क्राइम के खतरों के बारे में विस्तार से बताया—कैसे छोटी-सी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने बच्चों को स्मार्ट तरीके से इंटरनेट इस्तेमाल करने और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने के टिप्स भी दिए।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा छात्राओं को समर्पित रहा। SP कांबले ने बेटियों को खास तौर पर प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में कोई भी क्षेत्र उनके लिए बंद नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ आत्मविश्वास और हिम्मत की। उन्होंने कहा कि डर को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने वाली बेटियां ही समाज का भविष्य बदलेंगी।
स्कूल की प्रिंसिपल सुमित्रा धंधेल ने भी इस मौके पर विद्यालय के सुरक्षित और प्रोत्साहन भरे माहौल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्कूल हमेशा छात्राओं को आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान कोतवाली थाना प्रभारी राम नरेश मीणा, पुलिस जाब्ता और स्कूल स्टाफ भी मौजूद रहा।
यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने छात्रों के भीतर नई ऊर्जा और सोच का संचार किया। SP कांबले के शब्दों ने यह साफ कर दिया कि सफलता किसी विशेष परिस्थिति की मोहताज नहीं होती—बल्कि यह आपके संकल्प, अनुशासन और सही दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम होती है।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
Bringing truth from the ground
राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।