स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ: शादी की तैयारियों के बीच असम में सुखोई-30 क्रैश में शहीद, परिवार में मातम
हरियाणा के गुरुग्राम निवासी स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ असम के जोरहाट एयरबेस से ट्रेनिंग सॉर्टी के दौरान सुखोई Su-30 MKI विमान क्रैश में शहीद हो गए। शादी की तैयारियां चल रही थीं और मंगेतर भी पायलट हैं, लेकिन 5 मार्च 2026 की शाम को हादसे ने सब कुछ बदल दिया। उनके साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर भी शहीद हुए। परिवार में मातम छा गया, मां को पूरी खबर नहीं बताई गई। अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ हुआ।
हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-22बी स्थित एक घर में पिछले कुछ दिनों से खुशियों का माहौल छाया हुआ था। रिश्तेदारों की लगातार आवाजाही, मेहमानों की सूची तैयार करना, शादी के कपड़ों की सिलाई और सबसे बड़ी खुशी—दूल्हे स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का घर लौटना। परिवार वाले बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कि अनुज कुछ ही दिनों में शेरवानी पहनकर अपनी मंगेतर के साथ जीवन की नई शुरुआत करेंगे। उनकी मंगेतर भी एक पायलट हैं, और दोनों की जोड़ी देखकर पूरा परिवार सपनों की दुनिया में खोया हुआ था।
लेकिन 5 मार्च 2026 की शाम को सब कुछ उलट-पुलट हो गया। असम के जोरहाट एयरबेस से एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी के लिए सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान ने उड़ान भरी। इस विमान में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ (पायलट) और उनके साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर (को-पायलट) सवार थे। टेकऑफ के लगभग आधे घंटे बाद, शाम करीब 7:42 बजे विमान रडार से गायब हो गया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया।
भारतीय वायुसेना ने तुरंत बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद विमान का मलबा असम के कार्बी आंगलोंग जिले के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में मिला, जो जोरहाट से लगभग 60 किमी दूर था। दुर्भाग्य से दोनों पायलट सुरक्षित ईजेक्ट नहीं कर पाए और क्रैश में ही गंभीर चोटों के कारण शहीद हो गए। वायुसेना ने 6 मार्च को आधिकारिक तौर पर स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर की मौत की पुष्टि की।