घटना का विवरण
मामला अनूपगढ़ के रावला मंडी थाना क्षेत्र के केवीडी गांव स्थित चौधरी ईंट भट्टे का है। बुधवार रात करीब 1 बजे सूचना मिलने पर रावला पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वहां दो युवकों पर धारदार हथियारों से हमला किए जाने की जानकारी मिली। घायलों को तुरंत रावला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर होने पर बीकानेर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृतक की पहचान भादर सिंह (निवासी 8 पीएसडी, रावला) के रूप में हुई। वह चौधरी ईंट भट्टे पर ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। घायल व्यक्ति अमरीक सिंह (35 वर्ष, निवासी 1 केडब्ल्यूएम, रावला) भी उसी भट्टे पर ट्रैक्टर ड्राइवर के रूप में काम करता था।
8 महीने से चल रहा था अफेयर
मृतक भादर सिंह की करीब 5 साल पहले खाजूवाला निवासी मनप्रीत कौर से शादी हुई थी। दोनों की एक साल की बेटी भी है। भादर सिंह के बड़े भाई वीर प्रताप सिंह ने बताया कि करीब 8 महीने पहले भट्टे पर काम करने वाले सतनाम सिंह (पुत्र बख्तावर सिंह, निवासी रावला) और मनप्रीत कौर के बीच अवैध संबंध शुरू हो गए थे।
वीर प्रताप सिंह ने जब इस अफेयर के बारे में पता लगाया तो उन्होंने मनप्रीत को कई बार समझाने की कोशिश की। एक महीने पहले मनप्रीत के मामा के साथ भी समझाइश की गई, जिस पर मनप्रीत ने अपनी गलती मान ली और वादा किया कि वह सतनाम सिंह से नहीं मिलेगी। इसके बावजूद संबंध जारी रहे। भादर सिंह इस पूरे मामले से काफी तनाव में रहता था। कुछ दिन पहले मनप्रीत अपनी बेटी को लेकर पीहर (खाजूवाला) चली गई थी।
विवाद और हत्या की साजिश
भाई वीर प्रताप सिंह के अनुसार, बुधवार को भादर सिंह और सतनाम सिंह के बीच मनप्रीत के अवैध संबंधों को लेकर जोरदार बहस हुई। इसके बाद मनप्रीत ने सतनाम सिंह को अपने पति भादर सिंह की हत्या करने के लिए उकसाया। रात करीब 1 बजे सतनाम सिंह अपने भाई गुरदास सिंह, गुरमीत सिंह बावरी, गुरजन्ट और गुरचरण सिंह (निवासी 13 केएनडी) के साथ भट्टे पर पहुंचा।
सभी आरोपी भादर सिंह और अमरीक सिंह के कमरे (झुग्गी) में घुस गए, जहां दोनों सो रहे थे। आरोपियों ने लाठियों, डंडों और गंडासी से दोनों पर अंधाधुंध हमला कर दिया। शोर सुनकर अन्य मजदूर जागे तो आरोपी मौके से भाग निकले।
ईंट भट्टे के मालिक और ग्राम पंचायत 365 हेड के सरपंच कुलदीप भाम्भू ने भी घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शाम को ही भादर सिंह और सतनाम सिंह के बीच कहासुनी हुई थी, जिसे कुछ मजदूरों ने समझाकर शांत कराया था। इसके बावजूद रात में यह क्रूर हमला हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
रावला थाने के एसएचओ बलवंत कुमार ने बताया कि मृतक और घायल के परिजनों से अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन घायल अमरीक सिंह के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है और मामले की जांच चल रही है।मृतक के भाई वीर प्रताप सिंह ने पत्नी मनप्रीत कौर और प्रेमी सतनाम सिंह समेत अन्य आरोपियों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पत्नी के कहने पर ही यह साजिश रची गई।