सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला को लेकर 5 सदस्यीय समिति गठित की, खनन पर लगी रोक
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की एक समान परिभाषा तय करने और खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण और खनन गतिविधियों के नियमन को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अरावली पर्वतमाला की एक समान और वैज्ञानिक परिभाषा तय करने के लिए एक पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य भविष्य में अरावली क्षेत्र में होने वाली खनन गतिविधियों को स्पष्ट और नियंत्रित ढांचे में लाना है।
समिति की अध्यक्ष कौन?
इस समिति की अध्यक्षता भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) की महानिदेशक कंचन देवी करेंगी। यह समिति वैज्ञानिक, पर्यावरणीय और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अरावली क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन करेगी।
समिति के अन्य सदस्य
इस पांच सदस्यीय पैनल में देश के कई अनुभवी विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं—