मासिक धर्म चक्र के चार चरण: कैसे काम करता है यह प्राकृतिक प्रक्रिया?

मासिक धर्म चक्र, जिसे पीरियड्स कहते हैं, चार चरणों—मासिक धर्म, फॉलिक्युलर, ओव्यूलेशन और ल्यूटियल—में विभाजित है, जो गर्भाशय की परत के मोटा होने और निषेचन न होने पर बाहर निकलने की प्रक्रिया है। प्रत्येक चरण की अवधि अलग-अलग हो सकती है और हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन इसे नियंत्रित करते हैं।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
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6 Jul 2025
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मासिक धर्म चक्र के चार चरण: कैसे काम करता है यह प्राकृतिक प्रक्रिया?

मासिक धर्म चक्र, जिसे आमतौर पर पीरियड्स के नाम से जाना जाता है, महिलाओं के शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। यह गर्भाशय की परत के नियमित रूप से निकलने की प्रक्रिया है, जो हर महीने गर्भावस्था की तैयारी के लिए मोटी होती है। यदि गर्भावस्था नहीं होती, तो यह परत योनि के माध्यम से रक्त, म्यूकस और टिश्यू के रूप में बाहर निकल जाती है। मासिक धर्म चक्र को चार मुख्य चरणों में विभाजित किया जाता है: मासिक धर्म चरण (Menstrual Phase), फॉलिक्युलर चरण (Follicular Phase), ओव्यूलेशन चरण (Ovulation Phase), और ल्यूटियल चरण (Luteal Phase)। प्रत्येक चरण की अवधि व्यक्ति और समय के साथ भिन्न हो सकती है। आइए, इन चरणों को विस्तार से समझते हैं।

1. मासिक धर्म चरण (Menstrual Phase)

मासिक धर्म चक्र का यह पहला चरण पीरियड्स की शुरुआत के साथ शुरू होता है। यह तब शुरू होता है जब पिछली साइकिल में अंडा निषेचित (Fertilized) नहीं होता। गर्भावस्था न होने के कारण एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इस दौरान गर्भाशय की मोटी परत, जो गर्भावस्था को समर्थन देने के लिए बनती है, अब अनावश्यक हो जाती है और योनि के माध्यम से बाहर निकल जाती है।

इस चरण में महिलाएं रक्त, म्यूकस और टिश्यू का मिश्रण रिलीज करती हैं, जिसे सामान्यतः पीरियड्स कहा जाता है। यह चरण आमतौर पर 3 से 7 दिन तक रहता है, लेकिन यह अवधि हर महिला में अलग-अलग हो सकती है। इस दौरान कुछ महिलाओं को पेट में ऐंठन, थकान या मूड स्विंग्स जैसे लक्षण अनुभव हो सकते हैं।

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