तिरंगा यात्रा: सिविल लाइंस में देशभक्ति का ज्वार, गोपाल शर्मा के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब
सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में 24 मई 2025 को भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में भाजपा विधायक गोपाल शर्मा के नेतृत्व में एक विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा गुर्जर की थड़ी से शुरू होकर देशभक्ति के जोश के साथ सम्पन्न हुई। हजारों लोग, जिसमें कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, युवा, और विभिन्न संगठन शामिल थे, तिरंगा लहराते हुए "भारत माता की जय" के नारों के साथ सड़कों पर उतरे। यह आयोजन भारतीय सेना के शौर्य और राष्ट्रीय एकता को सम्मान देने का प्रतीक था
जयपुर (24 मई, 2025): सिविल लाइंस, जयपुर में शनिवार को एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों युवा, मातृशक्ति और प्रबुद्धजन चिलचिलाती धूप में भी उत्साह के साथ शामिल हुए। गुर्जर की थड़ी चौराहे से शुरू होकर बैकुंठनाथ मंदिर, सोडाला तक डेढ़ किलोमीटर तक फैले इस लवाजमे में देशभक्ति का जोश और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना साफ झलक रही थी। हाथों में तिरंगा थामे, 'भारत माता की जय', 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' और 'वंदे मातरम' के नारों से न्यू सांगानेर रोड गूंज उठा। यह यात्रा विधायक गोपाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें परमवीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर होशियार सिंह दहिया और मेजर शैतान सिंह के परिवारों ने अगुवाई की।
देशभक्ति के तरानों और झांकियों का अनूठा संगम:
यात्रा में डीजे पर बजते देशभक्ति गीतों ने युवाओं में जोश का संचार किया, जिससे लोग थिरकने को मजबूर हो गए। भारत माता, जम्मू-कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात वीर जवानों और तोपों की आकर्षक झांकियां लोगों के लिए मुख्य आकर्षण रहीं। तिरंगा और 'ऑपरेशन सिंदूर' की तख्तियां लिए हुए हाथी, ऊंट और घुड़सवार दलों ने राहगीरों का ध्यान खींचा। रथ और बग्घियों में शहीद परिवार, संत-महंत और पूर्व सैनिक सवार थे, जो इस आयोजन को और गरिमामय बनाते थे।
'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का उत्सव: गोपाल शर्मा
तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए विधायक गोपाल शर्मा ने कहा, "यह यात्रा किसी एक व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि सिविल लाइंस वासियों के राष्ट्रप्रेम और सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। 'ऑपरेशन सिंदूर' में हमारे पराक्रमी सैनिकों ने आतंक के ठिकानों को ध्वस्त कर वैश्विक मंच पर भारत की कीर्ति पताका फहराई है। यह यात्रा हमारी सेना के शौर्य और बलिदान को नमन करने का अवसर है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आयोजन देश की एकता और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता को दर्शाता है।