बासनपीर में छतरी विवाद: थार की शांति पर सवाल, कांग्रेस का मोहब्बत मार्च फतेहगढ़ में अटका

जैसलमेर के बासनपीर में छतरी पुनर्निर्माण विवाद के बीच प्रशासन ने धारा 163 लागू कर कांग्रेस नेताओं के काफिले को फतेहगढ़ में रोका। हरीश चौधरी और उम्मेदाराम बेनीवाल सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित करने गए थे।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 19, 2025 • 1:38 PM  2.7k
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बासनपीर में छतरी विवाद: थार की शांति पर सवाल, कांग्रेस का मोहब्बत मार्च फतेहगढ़ में अटका
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बासनपीर में छतरी विवाद: थार की शांति पर सवाल, कांग्रेस का मोहब्बत मार्च फतेहगढ़ में अटका

राजस्थान के जैसलमेर जिले के बासनपीर गांव में ऐतिहासिक छतरियों के पुनर्निर्माण को लेकर छह साल से चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी और पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद अपने समर्थकों के साथ बासनपीर में सर्वधर्म प्रार्थना सभा और गांधी राम धुन संकीर्तन आयोजित करने निकले थे। लेकिन, प्रशासन ने धारा 163 के तहत लागू पाबंदियों का हवाला देते हुए फतेहगढ़ में उनके काफिले को रोक दिया। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है, और थार के भाईचारे पर सवाल उठ रहे हैं।

विवाद की जड़: छतरियों का इतिहास

बासनपीर गांव में वीर योद्धाओं रामचंद्र सिंह सोढ़ा और हदूद पालीवाल की स्मृति में बनी ऐतिहासिक छतरियां स्थानीय लोगों के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक हैं। 2019 में एक शिक्षक द्वारा सफाई के नाम पर इन छतरियों को कथित तौर पर तोड़े जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। झुंझार धरोहर बचाओ संघर्ष समिति और हिंदू संगठनों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद पूरे जिले में आंदोलन हुए। 2021 में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर प्रशासन की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, और पुनर्निर्माण शुरू हुआ। लेकिन, तनाव बढ़ने के कारण काम को फिर से रोक दिया गया।

10 जुलाई 2025 को जब छतरियों का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ, तो एक समुदाय विशेष ने इसका विरोध किया। इस दौरान पथराव की घटना हुई, जिसमें झुंझार संघर्ष समिति के गणपत सिंह नोडियाला, एक पुलिसकर्मी और कई अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 16 महिलाएं शामिल थीं। इस घटना के बाद प्रशासन ने बासनपीर में धारा 163 लागू कर दी, जिसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, हथियार ले जाने, रैली या सभा आयोजित करने पर रोक है।

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