एक छोटे से गांव से आई बड़ी खबर—पूरा राजस्थान हैरान!

एक छोटे से गांव से उठी ऐसी कहानी, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले एक युवा ने मेहनत और लगन के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसकी उम्मीद बहुत कम लोगों को थी। अब हर तरफ बस एक ही सवाल है—आखिर कौन है वो जिसने यह बड़ा कमाल कर दिखाया?

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Editor
April 18, 2026 • 3:52 PM  16
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राजस्थान
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18 Apr 2026
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एक छोटे से गांव से आई बड़ी खबर—पूरा राजस्थान हैरान!

जैसलमेर के वीरेंद्र चारण ने रचा इतिहास: RAS 2024 में हासिल की राजस्थान में दूसरी रैंक

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा घोषित RAS 2024 परिणाम में जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के रामपुरिया गांव के वीरेंद्र चारण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान (AIR-2) हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके गांव बल्कि पूरे जिले को गर्व से भर दिया है।

 परिणाम जारी होते ही छा गए वीरेंद्र चारण

Rajasthan Public Service Commission ने शनिवार को RAS 2024 का परिणाम घोषित किया, जिसमें वीरेंद्र चारण का नाम टॉप रैंकर्स में शामिल हुआ।

साधारण परिवार से आने वाले वीरेंद्र की यह सफलता उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

 संघर्ष से सफलता तक का सफर

वीरेंद्र चारण का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है।
वे पहले ही RAS परीक्षा 2023 में सफल होकर तहसीलदार पद पर चयनित हो चुके थे और वर्तमान में प्रशिक्षण (training) ले रहे थे।इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को और ऊंचा रखा और RAS 2024 की तैयारी जारी रखी।
उनकी यह लगन आखिरकार एक ऐतिहासिक सफलता में बदल गई।

 साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि

रामपुरिया गांव से आने वाले वीरेंद्र का परिवार साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा है, लेकिन उनकी सोच और मेहनत असाधारण रही है।

उनकी यह सफलता यह साबित करती है कि—

 संसाधन नहीं, संकल्प बड़ा होना चाहिए
 हालात नहीं, मेहनत मायने रखती है
 लक्ष्य स्पष्ट हो तो रास्ते खुद बनते हैं

 पिता का योगदान और अनुशासन की नींव

वीरेंद्र की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान रहा है।
उनके पिता जेठूदान चारण, जो Head Constable के पद पर कार्यरत हैं, ने घर में अनुशासन और मेहनत का माहौल बनाया।उन्होंने बताया कि वीरेंद्र बचपन से ही तेज और लक्ष्य के प्रति समर्पित था।
आज बेटे की इस उपलब्धि पर परिवार गर्व से भर उठा है।

 भाई भी हैं सरकारी शिक्षक

वीरेंद्र के भाई, जो स्वयं एक सरकारी शिक्षक हैं, ने बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा से प्रशासनिक सेवा में उच्च स्तर पर देश सेवा करना था।2023 में 109वीं रैंक हासिल करने के बाद भी उन्होंने खुद को रोक नहीं दिया और और बेहतर प्रदर्शन के लिए दोबारा तैयारी की।

 “लंबी छलांग” ने बदल दी कहानी

वीरेंद्र ने RAS 2023 के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी और इस बार एक बड़ी छलांग लगाई।2024 के परिणामों में पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान हासिल कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

 प्रेरणादायक संदेश

वीरेंद्र चारण की कहानी लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।

उनकी सफलता यह संदेश देती है कि—

  • कठिन परिस्थितियां सफलता की राह नहीं रोकती
  • लगातार प्रयास ही असली पहचान बनाते हैं
  • और सपनों को पूरा करने के लिए धैर्य सबसे बड़ा हथियार है

 निष्कर्ष

जैसलमेर के छोटे से गांव रामपुरिया से निकलकर राजस्थान में दूसरा स्थान हासिल करना केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक यात्रा है।वीरेंद्र चारण की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन गई है—
कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

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