जेल में हथियार लहराते कैदियों का वीडियो फिर वायरल: एक साल पुराना क्लिप, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जेल का एक पुराना वीडियो वायरल, जिसमें दो कैदी हथियार और मोबाइल के साथ दिखे, जेल की सुरक्षा पर सवाल। दोनों आरोपी शादाब और दीपक पर मुकदमा दर्ज, जांच जारी। पहले भी जेल के वीडियो हो चुके हैं वायरल।
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
September 29, 2025 • 1:18 PM 639
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“जेल में हथियार लहराते कैदियों का वीडियो फिर वायरल: एक साल पुराना क्लिप, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल”
राजस्थान के टोंक जिला कारागृह से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दो कुख्यात अपराधी जेल के अंदर पिस्टल लहराते, सिगरेट-गुटखा चबाते और मोबाइल पर बात करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो भले ही करीब एक साल पुराना हो, लेकिन इसकी वायरल होने से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। टोंक पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वीडियो में क्या दिखा? जेल के अंदर 'आरामदायक' जिंदगी का खुलासा
वायरल वीडियो में दो कैदी आराम से कुर्सियों पर बैठे हुए हैं, जबकि पृष्ठभूमि में साफ लिखा नजर आता है- "जिला कारागृह टोंक आपका हार्दिक अभिनंदन करता है"। एक कैदी दूसरे को पिस्टल थमाते हुए कहता है, "सामान तो बढ़िया है यार", जबकि दोनों सिगरेट और गुटखे के पैकेट दिखाते हैं। एक फोन पर बात करते हुए कहता सुनाई देता है, "राम-राम, आपका आशीर्वाद है। सब बढ़िया है, कोई दिक्कत नहीं"। वीडियो में दो मोबाइल फोन भी साफ दिख रहे हैं, जो जेल नियमों का खुला उल्लंघन दर्शाते हैं।
यह वीडियो दो दिन पहले सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे जेल प्रशासन की लापरवाही का सबूत बताते हुए कड़ी आलोचना की है।
वीडियो में दिखने वाले दोनों आरोपी कुख्यात अपराधी हैं:
शादाब देशवाली: पुरानी टोंक थाना क्षेत्र का निवासी, जो एक हत्या के मामले में जेल में बंद था।
दीपक मेनारिया: उदयपुर का निवासी, जिस पर पुलिस पर फायरिंग करने का आरोप है।
दोनों पर पहले से ही गंभीर अपराधों के केस दर्ज हैं। शादाब पर जेल में पूर्व में भी दुर्व्यवहार का आरोप लगा था, जिसके चलते उसे करीब 11 माह पहले धौलपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं, दीपक को श्री गंगानगर जेल भेजा गया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मुकदमा दर्ज, जांच तेज
टोंक एसपी राजेश कुमार मीणा ने वीडियो वायरल होते ही कोतवाली थाने में दोनों के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। एसआई जयमल सिंह को जांच सौंपी गई है। एसपी मीणा ने बताया कि वीडियो एक साल पुराना है, लेकिन इसके बावजूद जेल में हथियार और मोबाइल कैसे पहुंचे, इसकी गहन जांच की जा रही है। जेल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को एक मोबाइल फोन से इन आरोपियों के हथियारों के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें जांच का आधार बनाया जा रहा है।
वीडियो कितना पुराना? नरेश मीणा के आरोपों से जुड़ा मामला
एसपी राजेश मीणा के अनुसार, यह वीडियो मई 2024 का है, जब एसडीएम थप्पड़ मामले के आरोपी नरेश मीणा ने जेल में हथियारों की मौजूदगी का आरोप लगाया था। नरेश ने कोर्ट में दावा किया था कि टोंक जेल में हथियारों के कारण उनकी जान को खतरा है, और भ्रष्ट नेताओं के इशारे पर उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। इसके बाद ही शादाब और दीपक को अन्य जेलों में शिफ्ट किया गया था। नरेश खुद को खतरे से बचाने के लिए बूंदी जेल भेजे गए थे।
टोंक जेल के वीडियो पहले भी हो चुके वायरल
टोंक जेल की सुरक्षा पर यह पहली बार सवाल नहीं उठे हैं। 2024 के उपचुनाव के दौरान नरेश मीणा ने "थप्पड़ घटना" का हवाला देते हुए जेल में हथियारों की मौजूदगी उजागर की थी। शादाब का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो चुका था, जिसमें वह जेल में सिगरेट पीते और पुलिस कस्टडी में वाहन चलाते दिखा था। इन घटनाओं ने जेल व्यवस्था की पोल खोल दी थी।
जांच जारी, नरेश मीणा का खतरा बरकरार
29 सितंबर 2025 तक, जांच जारी है। पुलिस हथियारों और मोबाइल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। नरेश मीणा ने फिर से अपनी जान को खतरा बताया है, और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई का जिक्र किया है। जेल विभाग ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, दोनों आरोपी टोंक जेल से बाहर हैं, लेकिन वीडियो ने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया है।