9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक से दुखद मौत, स्कूल में टिफिन खोलते समय हुई घटना
स्कूल के प्रिंसिपल नंदकिशोर ने बताया कि प्राची कुमावत, जो चौथी कक्षा में पढ़ती थी और भोमियाजी की ढाणी की निवासी थी, मंगलवार सुबह 11 बजे इंटरवल के समय क्लास में टिफिन खोल रही थी। अचानक वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी, और उसका खाना बिखर गया।
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 16, 2025 • 5:56 PM 2.3k
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राजस्थान
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“9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक से दुखद मौत, स्कूल में टिफिन खोलते समय हुई घटना”
राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे में एक हृदयविदारक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। बुधवार को उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा प्राची कुमावत की कार्डियक अरेस्ट के कारण मृत्यु हो गई। यह घटना स्कूल के इंटरवल के दौरान हुई, जब प्राची अपने टिफिन खोल रही थी।
स्कूल के प्रिंसिपल नंदकिशोर ने बताया कि प्राची कुमावत, जो चौथी कक्षा में पढ़ती थी और भोमियाजी की ढाणी की निवासी थी, मंगलवार सुबह 11 बजे इंटरवल के समय क्लास में टिफिन खोल रही थी। अचानक वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी, और उसका खाना बिखर गया। सहपाठियों ने तुरंत शिक्षकों को सूचित किया। स्कूल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए प्राची को संभाला और उसे तुरंत दांतारामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए।
सीएचसी के प्रभारी डॉ. आर. के. जांगिड़ ने बताया कि प्राची को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसे कार्डियक अरेस्ट हुआ था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य-सी लग रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने सावधानी बरतते हुए उसे सीकर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, सीकर ले जाते समय रास्ते में प्राची ने दम तोड़ दिया।
परिजनों और स्कूल स्टाफ के अनुसार, प्राची को पिछले कुछ दिनों से सर्दी-जुकाम की शिकायत थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस बीमारी का कार्डियक अरेस्ट से कोई सीधा संबंध था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
स्कूल और समुदाय में शोक की लहर
प्राची की अचानक मृत्यु से स्कूल और उसके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। प्रिंसिपल नंदकिशोर ने बताया कि प्राची एक होनहार और खुशमिजाज छात्रा थी, जिसे सभी शिक्षक और सहपाठी बहुत पसंद करते थे। इस घटना ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे दांतारामगढ़ कस्बे को सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्राची के परिवार के प्रति संवेदना जताई।
बच्चों में हार्ट अटैक: एक चिंताजनक प्रवृत्ति
हाल के वर्षों में बच्चों और युवाओं में हार्ट अटैक की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि असंतुलित आहार, तनाव, और बदलती जीवनशैली इसके कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं। कोविड-19 महामारी के बाद हृदय संबंधी समस्याओं में वृद्धि देखी गई है, जिसका असर सभी आयु वर्ग पर पड़ रहा है। प्राची की मृत्यु ने एक बार फिर इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता को उजागर किया है।
हार्ट अटैक से बचाव के उपाय
हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
स्वस्थ आहार: बच्चों और वयस्कों को संतुलित आहार लेना चाहिए, जिसमें ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, और कम वसा वाले प्रोटीन शामिल हों। जंक फूड, तैलीय भोजन, और अत्यधिक चीनी से बचना चाहिए।
नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे दौड़ना, साइकिल चलाना, या योग, हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। बच्चों के लिए खेलकूद और आउटडोर गतिविधियां विशेष रूप से लाभकारी हैं।
तनाव प्रबंधन: बच्चों में मानसिक तनाव को कम करने के लिए परिवार और स्कूल का सहयोग महत्वपूर्ण है। ध्यान, गहरी सांस लेने के व्यायाम, और रचनात्मक गतिविधियां तनाव को कम करने में मदद कर सकती हैं।
नियमित स्वास्थ्य जांच: हृदय संबंधी समस्याओं का जल्दी पता लगाने के लिए नियमित मेडिकल चेकअप जरूरी है। विशेष रूप से, यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो, तो बच्चों की जांच समय-समय पर करवानी चाहिए।
स्वस्थ नींद: पर्याप्त और नियमित नींद हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। बच्चों को रात में 8-10 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
जल्दी चिकित्सकीय सहायता: यदि बच्चे या वयस्क को सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, या अचानक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए।