अजमेर पुलिस की धमाकेदार कार्रवाई, 15वीं बार अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कसा शिकंजा, एक महिला हिरासत में, अब तक 28 दस्तयाब
अजमेर पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ 15वीं बड़ी कार्रवाई में एक महिला को हिरासत में लिया। विशेष अभियान के तहत अब तक 28 घुसपैठियों को पकड़ा जा चुका है। दरगाह क्षेत्र और संवेदनशील इलाकों में छापेमारी तेज, 10,000 से अधिक लोगों की जांच। पुलिस फर्जी दस्तावेजों और घुसपैठ नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। पकड़ी गई महिला को डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा। अभियान से अजमेर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है।
अजमेर, राजस्थान: अजमेर पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई को जारी रखते हुए 15वीं बार बड़ी सफलता हासिल की है। इस बार पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है, जो अवैध रूप से भारत में रह रही थी। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुए इस विशेष अभियान में अब तक 28 बांग्लादेशी घुसपैठियों को दस्तयाब किया जा चुका है। यह कार्रवाई न केवल अजमेर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि अवैध घुसपैठ के नेटवर्क को ध्वस्त करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
अजमेर पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने राजस्थान पुलिस मुख्यालय, जयपुर के निर्देश पर अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ सघन अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के तहत दरगाह क्षेत्र, तारागढ़ पहाड़ी, अंदरकोट, नई सड़क, और अन्य संवेदनशील इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया, जिसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार, यह महिला लंबे समय से अजमेर में खानाबदोश की तरह रह रही थी और अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा ले रही थी।
पुलिस की सतर्कता और रणनीति
अजमेर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) वंदिता राणा के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान में विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें होटलों, धर्मशालाओं, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, ईंट भट्टों, कारखानों, और कच्ची बस्तियों में संदिग्धों की जांच कर रही हैं। एसपी राणा ने बताया कि पिछले पांच महीनों में लगभग 10,000 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें से 28 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, और संदिग्धों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।