"जोधपुर की सड़कों पर जानलेवा मूर्खता: नाबालिग बच्चे को बाइक सौंपकर खेली जिंदगी से खिलवाड़!"
जोधपुर के गीता भवन रोड से एक वायरल वीडियो सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति मोटरसाइकिल की पीछली सीट पर बैठा है, जबकि एक नाबालिग बच्चा बाइक चला रहा है। यह लापरवाही यातायात नियमों का उल्लंघन है और जानलेवा हादसे को न्योता देता है। लोग पुलिस से कड़ी कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता की मांग कर रहे हैं।
जोधपुर के गीता भवन रोड से सामने आए एक वायरल वीडियो ने सड़क सुरक्षा को लेकर हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक व्यक्ति की ऐसी खतरनाक लापरवाही देखने को मिली, जिसने न केवल कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक मासूम बच्चे की जिंदगी को भी दांव पर लगा दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल की पीछली सीट पर बेफिक्र होकर बैठा है, जबकि बाइक की टंकी पर एक नन्हा-सा नाबालिग बच्चा, जिसे शायद सड़क के नियमों की ABCD भी नहीं पता, बाइक चला रहा है। यह नजारा सिर्फ चौंकाने वाला नहीं, बल्कि एक बड़े हादसे का खुला न्योता है, जो उस बच्चे, उस व्यक्ति और सड़क पर चल रहे हर इंसान की जान को खतरे में डाल रहा है।
मस्ती नहीं, यह है सरासर मूर्खता!
आखिर कोई इतना गैर-जिम्मेदार कैसे हो सकता है? एक नाबालिग बच्चे को मोटरसाइकिल की कमान सौंपना और खुद पीछे बैठकर इस खतरनाक हरकत का मजा लेना क्या मस्ती है? नहीं, यह मूर्खता है, जो एक पल में जिंदगियां तबाह कर सकती है। यह घटना भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 337 (लापरवाही से चोट पहुंचाना) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम का खुला उल्लंघन है। नाबालिग द्वारा वाहन चलाना, बिना हेलमेट और बिना किसी सुरक्षा उपाय के सड़क पर ऐसी हरकत करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह समाज के लिए एक डरावनी चेतावनी है। एक छोटी सी गलती न केवल उस बच्चे और व्यक्ति की जान ले सकती थी, बल्कि सड़क पर चल रहे मासूम राहगीरों को भी नुकसान पहुंचा सकती थी।