अमित शाह ने पेश किया गंभीर आरोपों में पद से हटाने वाला विधेयक, विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के खिलाफ.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए, जिनके तहत गंभीर आपराधिक आरोपों (5 साल से अधिक सजा वाले) में 30 दिन तक हिरासत में रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को पद से हटा दिया जाएगा। शाह ने अपने गुजरात मंत्री पद से इस्तीफे का उदाहरण देकर राजनीति में शुचिता और भ्रष्टाचार रोकने की वकालत की। विपक्ष, जिसमें कांग्रेस, सपा, आरजेडी, और ममता बनर्जी शामिल हैं, ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित हुई।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 20, 2025 • 2:57 PM  8
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अमित शाह ने पेश किया गंभीर आरोपों में पद से हटाने वाला विधेयक, विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के खिलाफ.
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20 Aug 2025
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अमित शाह ने पेश किया गंभीर आरोपों में पद से हटाने वाला विधेयक, विपक्ष ने बताया लोकतंत्र के खिलाफ.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अगस्त 2025 को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया, जिनका उद्देश्य गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार होने वाले प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों को पद से हटाने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करना है। इन विधेयकों में शामिल हैं: संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025, और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025। इनके तहत, यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आपराधिक मामले (5 साल या उससे अधिक की सजा वाले) में 30 दिनों तक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसे स्वतः पद से हटा दिया जाएगा। हालांकि, हिरासत से रिहा होने पर पुनर्नियुक्ति संभव होगी।

अमित शाह का तर्क और व्यक्तिगत उदाहरण: 

अमित शाह ने इन विधेयकों को पेश करते हुए राजनीति में शुचिता (नैतिकता) और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि जब वे गुजरात के गृह मंत्री थे, तब उन पर आरोप लगे थे। उन्होंने गिरफ्तारी से पहले ही नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था और अदालत द्वारा निर्दोष साबित होने के बाद ही दोबारा पद संभाला। शाह ने कहा कि यह विधेयक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम है और यह सुनिश्चित करेगा कि जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी से भाग न सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा जाएगा, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल होंगे, ताकि इस पर व्यापक चर्चा हो सके।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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