सरिस्का और शाहपुरा अस्पताल के मुद्दों पर सरकार-विपक्ष में तकरार
राजस्थान विधानसभा में शाहपुरा अस्पताल स्थानांतरण और सरिस्का टाइगर रिजर्व के मुद्दों पर सरकार-विपक्ष में तीखी नोकझोंक; विपक्ष ने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
राजस्थान विधानसभा का गुरुवार का प्रश्नकाल कई मुद्दों को लेकर गहमागहमी भरा रहा। शाहपुरा उपजिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के स्थानांतरण के मुद्दे पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पर विरोधाभासी बयान देने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि जुलाई में मंत्री ने अस्पताल की मौजूदा जमीन को उपयुक्त बताया था, लेकिन अब इसे अव्यवस्थित बताकर नई जगह पर अस्पताल बनाने की बात की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि महज कुछ महीनों में जमीन की स्थिति कैसे बदल गई और स्थानीय विधायक से इस बारे में कोई चर्चा क्यों नहीं की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब में कहा कि पुरानी जमीन की कमी के चलते पिछला टेंडर रद्द करना पड़ा। अब नई उपयुक्त जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है और जल्द ही नया टेंडर जारी होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग भूमाफिया के रूप में दानदाता बनकर अस्पताल को आरटीओ के पास स्थानांतरित करना चाहते हैं, जहां पहले ही डीटीओ को शिफ्ट किया जा चुका है। इस बयान पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया और सरकार पर साठगांठ के आरोप लगाए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि जिन पूर्व विधायकों को सरकार दोषी ठहरा रही है, वे अब सत्तारूढ़ बीजेपी का हिस्सा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।