जिला कलेक्टर के निर्देश: जिला कलेक्टर टीना डाबी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- तत्काल घर लौटें: सभी नागरिकों को बाजारों या सार्वजनिक स्थानों पर न रुकने और तुरंत अपने घरों में जाने का आदेश दिया गया है।
- पूर्ण ब्लैकआउट: रात के समय किसी भी प्रकार की रोशनी (घरों, दुकानों, मोबाइल फ्लैश) का उपयोग न करें। रात 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट लागू रहेगा।
- वाहनों पर प्रतिबंध: सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
- सतर्कता और सहयोग: संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस, बीएसएफ या सेना को दें। प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ पूर्ण सहयोग करें।
- सीमावर्ती गांवों के लिए: बीएसएफ और पुलिस के निर्देशानुसार गांव खाली करने की स्थिति में तैयार रहें। वाहनों में ईंधन भरवाएं, मवेशियों को बांधें और बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगों को प्राथमिकता दें।
पृष्ठभूमि और कारण: यह हाई रेड अलर्ट भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के कारण जारी किया गया है। भारतीय सेना ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की, जिसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से हमले की आशंका जताई जा रही है। 9 मई की रात जैसलमेर में नाकाम हमले और बाड़मेर में धमाकों की आवाज ने प्रशासन को यह कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया। टीना डाबी ने एक निजी चैनल की मिसाइल हमले की खबर को फर्जी बताते हुए जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
प्रशासन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई:
- पुलिस और बीएसएफ अलर्ट: बाड़मेर पुलिस ने 48 थानों और चौकियों में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और 24 घंटे गश्त के निर्देश दिए हैं।
- जिला कलेक्टर और एसपी सक्रिय: टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
- बाजार बंद: प्रशासन ने व्यापारियों को तत्काल प्रभाव से दुकानें बंद करने और घर जाने के आदेश दिए। जैसलमेर और श्रीगंगानगर में भी रेड अलर्ट लागू है।
- सीएम का निर्देश: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीमावर्ती जिलों के लिए 5-5 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता जारी करने का आदेश दिया है।
जनता की स्थिति और प्रतिक्रिया: हाई रेड अलर्ट के बाद बाड़मेर में सन्नाटा पसर गया है। बाजार बंद हैं, सड़कें सूनी हैं, और लोग घरों में दुबके हैं। लोगों ने धमाकों की आवाज और सायरन से उत्पन्न डर को साझा किया है। कुछ ने प्रशासन के त्वरित कदमों की सराहना की, तो कुछ ने स्थिति को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम एहतियाती है और जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
अन्य जिलों में स्थिति:
- जैसलमेर: यहां भी रेड अलर्ट लागू है, और बाजार बंद करवाए गए हैं।
- श्रीगंगानगर: सुबह तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद रेड अलर्ट लागू किया गया।
- जोधपुर: रेड अलर्ट और ब्लैकआउट के निर्देश जारी किए गए हैं।
सावधानियां और सुझाव:
- आपातकालीन तैयारी: पानी, टॉर्च, दवाइयां और जरूरी सामान तैयार रखें।
- अफवाहों से बचें: केवल आधिकारिक सूत्रों (जिला प्रशासन, पुलिस, समाचार चैनल) पर भरोसा करें।
- संपर्क नंबर: बाड़मेर पुलिस ने कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर जारी किए हैं, जिन पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी जा सकती है।
- शांति बनाए रखें: अनावश्यक भीड़ या अफरा-तफरी से बचें।
निष्कर्ष: बाड़मेर में हाई रेड अलर्ट ने पूरे जिले को हाई अलर्ट मोड पर ला दिया है। जिला कलेक्टर टीना डाबी के नेतृत्व में प्रशासन और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। यह समय जनता के लिए धैर्य और अनुशासन का है। सभी से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, सुरक्षित रहें और अफवाहों से बचें।