बारमेर में मिठी ईद (ईद-उल-फितर) का उत्साहपूर्ण आयोजन: हजारों मौमिनों ने ईदगाह में अदा की नमाज, गले मिलकर दी मुबारकबाद, सामुदायिक सद्भाव की मिसाल पेश की
बाड़मेर में मिठी ईद (ईद-उल-फितर) बड़े उत्साह से मनाई गई। गेहूं रोड स्थित जामा मस्जिद और ईदगाह में हजारों मौमिनों ने इमाम हाजी मौलाना लाल मोहम्मद सिद्दीकी की अगुवाई में नमाज अदा की। नमाज के बाद एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी गई और देश में अमन-शांति की दुआएं मांगीं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा सहित गैर-मुस्लिम नेताओं ने भी मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर बधाई दी। जिलाध्यक्ष ने बाड़मेर की अनूठी कौमी एकता और सर्वधर्म समभाव की सराहना की, जिसे पूरे देश के लिए मिसाल बताया। यह आयोजन सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का शानदार उदाहरण रहा।
बारमेर, राजस्थान: राजस्थान के बाड़मेर जिले में ईद-उल-फितर, जिसे लोकप्रिय रूप से मिठी ईद कहा जाता है, बड़े ही उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। इस पवित्र त्योहार पर मुस्लिम समुदाय के हजारों मौमिनों ने शहर के गेहूं रोड स्थित जामा मस्जिद और ईदगाह में एकत्र होकर ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारकबाद दी और देश में अमन, शांति, भाईचारा तथा तरक्की की दुआएं मांगीं।
सुबह से शुरू हुई तैयारियां और नमाज का सिलसिला
शनिवार की सुबह से ही मौमिन ईदगाह की ओर बढ़ने लगे। सुबह लगभग 8 बजे हजारों लोग—जिनमें युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे—ईद की नमाज अदा करने के लिए पंक्तिबद्ध होकर बैठ गए। जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी मौलाना लाल मोहम्मद सिद्दीकी की इमामत में नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान मौमिनों ने सिर झुकाकर सजदा किया और अल्लाह तआला से देश की खुशहाली, भाईचारे, अमन-चैन तथा समृद्धि के लिए दुआएं मांगीं।