पूर्व राजपरिवार में फिर गहराया संपत्ति विवाद, बंध बारैठा कोठी की बिक्री पर विश्वेंद्र सिंह और अनिरुद्ध सिंह आमने-सामने.....

भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में संपत्ति विवाद ने फिर तूल पकड़ा है। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और उनके बेटे अनिरुद्ध सिंह बंध बारैठा कोठी की बिक्री को लेकर आमने-सामने हैं। अनिरुद्ध ने कोठी को राजपरिवार की पैतृक संपत्ति बताकर अवैध बिक्री का आरोप लगाया और कोर्ट जाने की धमकी दी। वहीं, विश्वेंद्र ने दावा किया कि कोठी उनकी निजी संपत्ति थी, जिसे उनकी पत्नी दिव्या सिंह ने बिकवाकर दिल्ली में फ्लैट खरीदा। विश्वेंद्र ने मोती महल की लूट का भी आरोप लगाया और हाईकोर्ट जाने की बात कही। यह ऐतिहासिक कोठी, जिसे महाराजा किशन ने बनवाया था, अब बैंक द्वारा कुर्की के बाद बिक्री की कगार पर है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 24, 2025 • 2:21 PM  3.8k
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पूर्व राजपरिवार में फिर गहराया संपत्ति विवाद, बंध बारैठा कोठी की बिक्री पर विश्वेंद्र सिंह और अनिरुद्ध सिंह आमने-सामने.....
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24 Aug 2025
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पूर्व राजपरिवार में फिर गहराया संपत्ति विवाद, बंध बारैठा कोठी की बिक्री पर विश्वेंद्र सिंह और अनिरुद्ध सिंह आमने-सामने.....

राजस्थान के भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार विवाद का केंद्र है बंध बारैठा की ऐतिहासिक कोठी, जिसे लेकर पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और उनके बेटे अनिरुद्ध सिंह के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, और मामला अब कोर्ट तक पहुंचने की कगार पर है।

बंध बारैठा कोठी विवाद: अनिरुद्ध सिंह का आरोप

अनिरुद्ध सिंह ने अपने X पोस्ट में दावा किया कि बंध बारैठा की कोठी, जिसे किशन महल के नाम से भी जाना जाता है, भरतपुर राजपरिवार की पैतृक संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कोठी को अवैध रूप से बेच दिया गया, बिना उनकी और उनकी मां, पूर्व सांसद दिव्या सिंह की सहमति के। अनिरुद्ध ने कहा, "उस समय मैं विदेश में पढ़ाई कर रहा था। मेरी मां और मैंने इस बिक्री की अनुमति नहीं दी थी।" उन्होंने इस बिक्री को अदालत में चुनौती देने और संपत्ति पर स्थगन आदेश (स्टे) लेने की बात कही है।अनिरुद्ध ने यह भी बताया कि करीब 15 साल पहले यह कोठी कर्नल अलावत और मिस्टर सुधीर विंडलैस को बेची गई थी। अब बैंक ने बकाया भुगतान न होने के कारण कोठी को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और इसे भगत सिंह बिरहरू (लोहागढ़) द्वारा खरीदने की कोशिश की जा रही है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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