40 घंटे से शव मॉर्च्युरी में, मुआवजे को लेकर परिजनों का धरना जारी
ट्रेनी एसआई राजेंद्र सैनी की मालगाड़ी से कटकर मौत के बाद उनका शव 40 घंटे से मॉर्च्युरी में है; परिजनों का 5 करोड़ मुआवजे की मांग पर धरना जारी। कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
राजस्थान के दौसा में 2021 सब इंस्पेक्टर भर्ती में चयनित राजेंद्र सैनी (30) की मौत के बाद जिला अस्पताल में तनाव का माहौल है। पिछले 40 घंटे से उनका शव मॉर्च्युरी में पड़ा है, जबकि परिजन और प्रशासन के बीच मुआवजे को लेकर गतिरोध बना हुआ है। परिवार का कहना है कि जब तक 5 करोड़ रुपये के मुआवजे का चेक नहीं मिलता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा।
मालगाड़ी से कटकर मौत
15 सितंबर की रात करीब 10 बजे दौसा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से कटकर राजेंद्र सैनी की मौत हो गई थी। दौसा के कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने इसे आत्महत्या करार दिया है। उनका दावा है कि 2021 की सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द होने के बाद राजेंद्र अवसाद (डिप्रेशन) में थे। राजेंद्र मूल रूप से भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र के बल्लभगढ़ के निवासी थे और वर्तमान में अपने परिवार के साथ अलवर के गंज खेरली में रह रहे थे।
नौकरी थी एकमात्र सहारा
राजेंद्र सैनी के रिश्तेदारों ने बताया कि वह आठ भाई-बहनों में से एक थे और परिवार का खर्च उनकी नौकरी से चलता था। भर्ती रद्द होने की खबर ने उन्हें गहरे अवसाद में डाल दिया था। एक रिश्तेदार ने कहा, "परीक्षा रद्द होने के बाद से वह तनाव में था। उसने कहा था कि अब या तो परीक्षा रहेगी या मैं। नौकरी लगने से परिवार में उम्मीद जगी थी, लेकिन अब सब खत्म हो गया।"