"राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम में बदलाव,पश्चिमी विक्षोभ लाएगा राहत, 2 जून से आंधी-बारिश का दौर "

राजस्थान में चल रही भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने 2 जून से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की घोषणा की है, जिससे मौसम में बदलाव की उम्मीद है।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
June 2, 2025 • 11:22 AM  289
राजस्थान
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"राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम में बदलाव,पश्चिमी विक्षोभ लाएगा राहत, 2 जून से आंधी-बारिश का दौर "
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"राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम में बदलाव,पश्चिमी विक्षोभ लाएगा राहत, 2 जून से आंधी-बारिश का दौर "

राजस्थान, जहां भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, अब मौसम एक नया मोड़ लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 2 जून 2025 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जो राज्य के कई हिस्सों में बारिश और आंधी के साथ राहत लाएगा। यह बदलाव न केवल तापमान में कमी लाएगा, बल्कि गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए एक सुखद खबर भी है। 

मौसम विभाग के अनुसार, 2 जून से शुरू होने वाला पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के कई जिलों में 2 से 4 जून तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान तेज मेघगर्जन, 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी, और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। खास तौर पर बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, शेखावाटी, उदयपुर, और कोटा संभाग में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है, जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।

पश्चिमी विक्षोभ क्या है?

पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसी मौसम प्रणाली है जो कैस्पियन या भूमध्य सागर से उत्पन्न होती है और उत्तर-पश्चिम भारत में गैर-मानसूनी बारिश लाती है। यह कम दबाव का क्षेत्र होता है, जो तेज हवाओं के साथ पूर्व की ओर बढ़ता है। राजस्थान में यह प्रणाली अक्सर सर्दियों और गर्मियों की शुरुआत में सक्रिय होती है, लेकिन जून में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है। इस बार, यह विक्षोभ गर्मी के बीच राहत लेकर आ रहा है।

पिछले कुछ दिनों में राजस्थान में गर्मी का प्रकोप चरम पर था। बाड़मेर में 27 मई को तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में लू जैसी स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, 29 मई से एक पिछले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में मामूली कमी आई। उदाहरण के लिए, कामां (भरतपुर) में 1 जून को 10 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 से 25 जून के बीच राजस्थान में दस्तक दे सकता है, जो उदयपुर और कोटा संभाग से प्रवेश करेगा। यह 16 साल में पहली बार है जब मानसून इतनी जल्दी केरल पहुंचा, और इसका असर राजस्थान में भी समय से पहले देखने को मिल सकता है। 2 जून से शुरू होने वाली बारिश प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो मानसून के आगमन से पहले मौसम को और अनुकूल बनाएगी।

लोगों पर प्रभाव

  • कृषि: प्री-मानसून बारिश किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है, खासकर खरीफ फसलों की बुआई के लिए। हालांकि, तेज आंधी से फसलों को नुकसान की भी आशंका है।

  • दैनिक जीवन: गर्मी से राहत मिलने से लोगों को बाहर निकलने और दैनिक कार्यों में आसानी होगी। हालांकि, तेज हवाओं और बारिश के कारण सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • यातायात और सुरक्षा: मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं से कमजोर संरचनाओं, बिजली लाइनों, और पेड़ों को नुकसान हो सकता है। लोगों से खुले इलाकों में सावधानी बरतने और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

2 जून 2025 से राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन साथ ही तेज आंधी और बारिश के कारण सावधानी बरतना भी जरूरी है। मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और सुरक्षित रहें। यह मौसमी बदलाव न केवल लोगों को गर्मी से निजात दिलाएगा, बल्कि मानसून के आगमन के लिए भी माहौल तैयार करेगा।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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