आखिर आदिवासी परिवार के घर भोजन करने क्यों पहुंचे CM भजनलाल?
जालोर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक आदिवासी परिवार के घर पहुंचकर भोजन किया और किसानों-पशुपालकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेती, बिजली और सिंचाई को लेकर कई अहम घोषणाएं भी कीं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को जालोर जिले के पंसेरी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद एक आदिवासी परिवार के घर जाकर भोजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के बीच खासा आकर्षण पैदा किया। मुख्यमंत्री ने पंसेरी गांव निवासी भेमाराम भील के घर पहुंचकर परिवार के साथ आत्मीयता से समय बिताया। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत की और ग्रामीण जीवन, खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री के आदिवासी परिवार के घर भोजन करने की तस्वीरें सामने आने के बाद यह दौरा चर्चा का विषय बन गया।
चौपाल में किसानों और पशुपालकों से सीधा संवाद
पंसेरी गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद का कम इस्तेमाल करने और जैविक खेती को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को खेती से जुड़ना चाहिए और कृषि को रोजगार के मजबूत माध्यम के रूप में विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए “मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान” चला रही है, जिसके तहत हर पंचायत का सुनियोजित विकास किया जाएगा।
सिंचाई परियोजनाओं को लेकर बड़ा दावा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसानों की सिंचाई जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना और गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के कार्यों को गति दी गई है। इसके अलावा माही और देवास परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोम-कमला-अंबा परियोजना के जरिए जवाई बांध तक पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे जालोर, पाली और सिरोही जिलों को बड़ा फायदा मिलेगा।