परिवारिक विवाद में बुजुर्ग महिला की हत्या: गांव में खूनी संघर्ष, 6 घायल; पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज
परिवारिक विवाद में बुजुर्ग महिला की फरसे से हत्या; 6 घायल, आरोपी फरार, पुलिस बल तैनात,
राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग तहसील के कांमा थाना क्षेत्र में शनिवार शाम को एक पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। एक ही परिवार के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया, जिसके चलते पुलिस ने भारी बल तैनात कर दिया है। आरोपी पक्ष के सभी सदस्य फरार बताए जा रहे हैं, और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण; यह खौफनाक घटना बझेरा गांव में 9 नवंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे घटी। राम प्रकाश नामक ग्रामीण ने कांमा थाने में FIR दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने पूरे हादसे का जिक्र किया। राम प्रकाश के अनुसार, उनका परिवार उत्तर प्रदेश के महरौली से अपनी गाड़ी में गांव लौट रहा था। जैसे ही गाड़ी गांव के प्रताप के घर के सामने से गुजरी, प्रताप और उसके परिजनों ने अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों के पास लाठियां, डंडे, फरसे (धारदार हथियार) और बंदूकें थीं। उन्होंने राम प्रकाश के परिवार की गाड़ी को रोक लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।FIR में दर्ज विवरण के मुताबिक, हमलावरों में से गोपाल नामक व्यक्ति ने चिल्लाते हुए कहा, "पूरे परिवार को खत्म कर दो।" इसके बाद प्रताप, गोपाल और उनके करीब 19 परिजनों ने राम प्रकाश के परिवार पर जमकर हमला कर दिया। इस दौरान सबसे ज्यादा कहर धारदार हथियारों ने बरपाया। गोपाल ने राम प्रकाश के चाचा हरि सिंह के सिर पर फरसे से वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी तरह, शिवम नामक एक अन्य हमलावर ने हरि सिंह की मां श्यामवती (उम्र लगभग 70 वर्ष) के सिर पर फरसे से प्रहार किया। यह वार इतना घातक साबित हुआ कि बुजुर्ग श्यामवती को मौके पर ही दम तोड़ना पड़ा।राम प्रकाश ने बताया, "हम लोग महरौली से थकान के बाद घर लौट रहे थे। अचानक प्रताप के घर के सामने उन लोगों ने घेर लिया। वे पहले से ही हथियारों से लैस होकर इंतजार कर रहे थे। हमने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन संख्या में ज्यादा होने के कारण वे हावी हो गए।" हमले में राम प्रकाश के अलावा उनके चाचा हरि सिंह, पिता, भाई और अन्य परिजन भी घायल हुए। कुल छह लोग जख्मी बताए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है, लेकिन श्यामवती की मौत ने पूरे परिवार को शोक की चादर ओढ़ा दी।