दिल्ली ब्लास्ट का सच डॉ. उमर की 11 घंटे की 'मौत की सैर' CCTV में कैद!
लाल किला (दिल्ली) के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके का मास्टरमाइंड पुलवामा का डॉ. मोहम्मद उमर नबी था, जो जैश-ए-मोहम्मद का 'व्हाइट कॉलर' आतंकी था। 13 मौतें हुईं। NIA की जांच में 50+ CCTV फुटेज से उसके 11 घंटे के मूवमेंट ट्रेस हुए: फरीदाबाद से दिल्ली एंट्री (8:03 AM, बदरपुर टोल), फैज-ए-इलाही मस्जिद में नमाज (12:00 PM), लाल किला पार्किंग में 3 घंटे रुकना, और शाम 6:51 बजे सिग्नल पर IED ब्लास्ट। डीएनए से पुष्टि। फरीदाबाद मॉड्यूल से JeM कनेक्शन।
नई दिल्ली: लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। 13 मासूमों की जान लेने वाले इस कायराना हमले का मास्टरमाइंड था पुलवामा का डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 'व्हाइट कॉलर' टेरर मॉड्यूल का अहम हिस्सा था। डीएनए टेस्ट से साबित हो चुका है कि धमाके के वक्त वह ही कार चला रहा था। जांच एजेंसियों ने 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज से उसके 11 घंटे के मूवमेंट को ट्रेस किया है—सुबह फरीदाबाद से दिल्ली एंट्री, मस्जिद में नमाज, कनॉट प्लेस की सैर, और आखिर में लाल किले के पास 'फिदायीन' स्टाइल में खुद को उड़ा लेना। यह कहानी नहीं, हकीकत है जो खुफिया सूत्रों और NIA की जांच से सामने आई है। आइए, मिनट-टू-मिनट डिटेल्स से समझते हैं कैसे एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर 'मौत का सौदागर' बन गया।
धमाके का खौफनाक सीन: ट्रैफिक जाम में 'लाल गुब्बारे' की तरह फटा
IED10 नवंबर की शाम करीब 6:50 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट हुआ। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है—20 से ज्यादा गाड़ियां सिग्नल पर रुकी हुईं, ट्रैफिक धीमा। अचानक हाइयुंडई i20 कार में जोरदार धमाका, आग की लपटें 50 फीट ऊंची उड़ीं। आसपास की कारें, रिक्शे और ऑटो के परखच्चे उड़ गए। 13 लोग मारे गए, 20 से ज्यादा घायल। पीएम मोदी ने LNJP अस्पताल जाकर मरीजों से मुलाकात की और कहा, "दोषियों को सजा मिलेगी।" अमेरिका ने इसे 'साफ तौर पर टेरर अटैक' करार दिया।