HIV से भगवान को ठहराया जिम्मेदार, 30 से ज्यादा चोरियां कबूलीं
दुर्ग जिले में 30 से ज्यादा मंदिरों में चोरी करने वाले सागर उपाध्याय को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जो जेल में HIV से संक्रमित होने के बाद भगवान से बदला लेने के लिए चोरी करता था।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंदिरों में चोरी की वारदातों ने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर रखा था। आखिरकार, पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 10 सालों से 30 से ज्यादा मंदिरों में चोरी को अंजाम दे चुका था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने चोरी की वजह भगवान से बदला लेना बताया, क्योंकि वह जेल में HIV से संक्रमित हो गया था।
चोरी से पहले प्रणाम, बाद में माफी: अनोखा चोर
पुलिस ने आरोपी सागर उपाध्याय (बदला हुआ नाम) को नेवई थाना क्षेत्र में 23-24 अगस्त की रात जैन मंदिर में हुई चोरी के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह चोरी से पहले मंदिर में भगवान को प्रणाम करता था और चोरी के बाद हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए निकलता था। उसका कहना था कि वह सोने-चांदी या गहनों को हाथ नहीं लगाता था, क्योंकि उसे पकड़े जाने का डर था। वह केवल दान पेटी से नकदी और सिक्के चुराता था।
कैसे पकड़ा गया चोर?
नेवई थाना क्षेत्र के जैन मंदिर में हुई चोरी की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। CCTV फुटेज और त्रिनयन एप की मदद से पुलिस ने सागर को हिरासत में लिया। उसके पास से 1282 रुपये के सिक्के और एक स्कूटी बरामद की गई। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, दान पेटी में करीब 60 हजार रुपये थे। जांच में पता चला कि सागर ने नेवई, सुपेला, पद्मनाभपुर, भिलाई भट्ठी और भिलाई नगर थाना क्षेत्रों में 30 से ज्यादा मंदिरों में चोरी की थी।