ISI के लिए जासूसी करते पकड़ा गया हनीफ खान, सेना की जानकारी लीक करने का आरोप
जैसलमेर में सीआईडी इंटेलिजेंस ने हनीफ खान को ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह सोशल मीडिया के जरिए सेना की गोपनीय जानकारी, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर शामिल था, लीक कर रहा था। 2025 में यह जैसलमेर का चौथा जासूसी मामला है।
राजस्थान के जैसलमेर में सीआईडी इंटेलिजेंस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 वर्षीय हनीफ खान को गिरफ्तार किया है। हनीफ पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी साझा करने का गंभीर आरोप है। यह 2025 में जैसलमेर से जासूसी के मामले में चौथी गिरफ्तारी है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती जासूसी गतिविधियों की ओर इशारा करती है।
सोशल मीडिया के जरिए ISI से संपर्क
सीआईडी इंटेलिजेंस के महानिरीक्षक (सुरक्षा) डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि उनकी टीम लंबे समय से राज्य में जासूसी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इस दौरान हनीफ खान, जो जैसलमेर के बासनपीर जूनी का निवासी है और वर्तमान में बहला गांव में रह रहा था, की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में पता चला कि हनीफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ISI के हैंडलर्स के साथ नियमित संपर्क में था। वह पैसों के लालच में भारतीय सेना के मूवमेंट, सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी भी लीक
हनीफ खान पर आरोप है कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी ISI को भारतीय सेना के आवागमन और रणनीतिक गतिविधियों की जानकारी भेजी। ऑपरेशन सिंदूर एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था, और इसकी गोपनीयता भंग होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। हनीफ की आसान पहुंच भारत-पाक सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों जैसे मोहनगढ़ और घड़साना में थी, जिसका उसने दुरुपयोग किया।