बिहार चुनाव: एग्जिट पोल कुछ देर में, पिछले दो चुनावों में साबित हुए गलत – महिला वोटर्स, साइलेंट वोटर्स समेत 4 प्रमुख वजहें
बिहार में दूसरे चरण की वोटिंग शाम 6:30 बजे समाप्त, एग्जिट पोल जारी होंगे लेकिन पिछले 2015 और 2020 चुनावों में गलत साबित हुए, महिला और साइलेंट वोटर्स सहित 4 वजहों से पोल फेल, एनडीए को ओपिनियन पोल में बढ़त, परिणाम 14 नवंबर को,
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा और अंतिम चरण आज जोर-शोर से चल रहा है। राज्य की 122 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 6:30 बजे समाप्त हो जाएगी। दोपहर 3 बजे तक 60 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जो लोकतंत्र के महापर्व में जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी को दर्शाता है। वोटिंग समाप्ति के तुरंत बाद विभिन्न सर्वे एजेंसियों द्वारा एग्जिट पोल जारी किए जाएंगे, जो चुनाव परिणामों की दिशा-निर्देश प्रदान करने का दावा करेंगे। ये एग्जिट पोल हमेशा सटीक नहीं होते। पिछले दो विधानसभा चुनावों (2015 और 2020) में एग्जिट पोल बड़े पैमाने पर गलत साबित हुए थे, जिससे राजनीतिक दलों और जनता के बीच इनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।इस बार के चुनाव में कुल 243 विधानसभा सीटें दांव पर हैं, जो दो चरणों में संपन्न हो रही हैं। पहले चरण में 121 सीटों पर 65 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में भी इसी तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण की वोटिंग शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ स्थानों पर तकनीकी खराबी और EVM संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं। परिणाम 14 नवंबर को घोषित होंगे, जो न केवल बिहार की राजनीतिक तस्वीर बदल सकते हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गठबंधनों की दिशा निर्धारित करेंगे।
पहले चरण की झलक: उच्च मतदान, लेकिन चुनौतियां बरकरार बिहार चुनाव का पहला चरण 5 नवंबर को संपन्न हुआ था, जिसमें 121 सीटों पर 65 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े। यह आंकड़ा पिछले चुनावों की तुलना में थोड़ा बेहतर है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही। पहले चरण में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और महागठबंधन (आरजेडी-जेडीयू-कांग्रेस) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, जातिगत समीकरणों के साथ-साथ विकास, बेरोजगारी और प्रवासन जैसे मुद्दों ने वोटर्स का मन मोड़ा।दूसरे चरण में, जो आज चल रहा है, पटना, नालंदा, वैशाली और मुजफ्फरपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों की सीटें शामिल हैं। यहां भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, और लगभग 5 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। दोपहर 3 बजे तक 60 प्रतिशत मतदान होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि कुल मतदान 62-65 प्रतिशत के बीच रहेगा।
ओपिनियन पोल्स का दावा: एनडीए को बढ़त, लेकिन इतिहास सबक सिखाता है चुनाव से पहले किए गए तीन प्रमुख ओपिनियन पोल्स में एनडीए की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। एक सर्वे के अनुसार, एनडीए को 130-140 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन को 90-100 सीटों का अनुमान है। इन पोल्स में भाजपा-जेडीयू गठबंधन को महिलाओं और युवाओं का समर्थन मिलता दिख रहा है। हालांकि, ये ओपिनियन पोल एग्जिट पोल्स से अलग हैं, क्योंकि ये वोटिंग से पहले किए जाते हैं और जनता की राय पर आधारित होते हैं।लेकिन इतिहास गवाह है कि बिहार जैसे जटिल सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में सर्वे एजेंसियां अक्सर वोटर्स के मूड को सही से नहीं पकड़ पातीं। आइए, नजर डालते हैं पिछले तीन विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल्स के रुझानों पर: