खुदरा महंगाई ने पकड़ी रफ्तार, मई में Retail Inflation 3.93% के 16 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची
मई 2026 में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई, जो पिछले 16 महीनों का उच्चतम स्तर है। खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने महंगाई पर दबाव बढ़ाया है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में मानसून, कृषि उत्पादन और खाद्य आपूर्ति की स्थिति महंगाई की दिशा तय करेगी, जबकि RBI भी इस पर करीबी नजर बनाए हुए है।
भारत में महंगाई के मोर्चे पर एक बार फिर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। मई 2026 के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों में आई तेजी के कारण देश की खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) बढ़कर 3.93% पर पहुंच गई है, जो पिछले 16 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। लगातार कई महीनों तक नियंत्रित रहने के बाद महंगाई में यह उछाल उपभोक्ताओं और नीति निर्माताओं दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों ने बढ़ाया दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार सब्जियों, दालों, फलों, खाद्य तेलों और कुछ अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी खुदरा महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह रही है। गर्मी के मौसम, आपूर्ति संबंधी चुनौतियों और कुछ कृषि उत्पादों की सीमित उपलब्धता के कारण खाद्य वस्तुओं के दाम ऊंचे बने हुए हैं। इसका सीधा असर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर पड़ा है।