जोधपुर में बड़ा बदलाव दो निगमों का अंत, एक शक्तिशाली निगम का उदय – अब प्रशासन की कमान में तेज विकास की उम्मीद!
जोधपुर में दो निगमों का अंत! उत्तर-दक्षिण मिलकर बने एक शक्तिशाली निगम, 100 वार्डों वाला नया सिस्टम। प्रशासक प्रतिभा सिंह के हाथों कमान, अब बिना पार्षद तेज़ विकास की उम्मीद!
10 नवम्बर 2025 जोधपुर (राजस्थान): जोधपुर शहर में नगर निगम की सत्ता अब चुने हुए पार्षदों से हटकर प्रशासनिक अधिकारियों के कंधों पर आ गई है। पांच साल के कार्यकाल पूरा होने के बाद राजस्थान सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिससे शहर की पूरी कमान प्रशासन के हाथों में सौंप दी गई है। इससे विकास कार्यों में गति आने और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जागी है।
दो निगमों का अंत और एक नए निगम का जन्म
रविवार को जोधपुर नगर निगम उत्तर और दक्षिण के निर्वाचित बोर्डों का कार्यकाल समाप्त हो गया। उत्तर निगम में कांग्रेस का बोर्ड था, जबकि दक्षिण में भाजपा की सत्ता कायम थी। दोनों निगमों में 80-80 पार्षद थे, जो शहर के विभिन्न हिस्सों की जिम्मेदारी संभालते थे। अब राज्य सरकार ने दोनों को विलय करके एक एकल नगर निगम बनाने का ऐलान किया है, जिसमें कुल 100 वार्ड होंगे। इस कदम से शहर की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, अनावश्यक खर्च में कटौती होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। जोधपुर जैसे अपेक्षाकृत छोटे शहर में दो अलग-अलग निगमों के कारण अक्सर कार्यों में समन्वय की कमी और देरी होती थी, जिसे अब एक छत के नीचे लाकर दूर करने की कोशिश की जा रही है।