होटल में ईडी की बड़ी छापेमारी, महादेव बेटिंग ऐप केस में कार्रवाई

जयपुर के होटल फेयर माउंट में ईडी ने महादेव बेटिंग ऐप केस में छापेमारी की, जहां संदिग्ध शादी समारोह में ठहरे थे। जांच में मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टो करेंसी से जुड़े सबूत मिले।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 2, 2025 • 3:43 PM  520
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होटल में ईडी की बड़ी छापेमारी, महादेव बेटिंग ऐप केस में कार्रवाई
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2 Jul 2025
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होटल में ईडी की बड़ी छापेमारी, महादेव बेटिंग ऐप केस में कार्रवाई

जयपुर के कूकस स्थित होटल फेयर माउंट में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी महादेव बेटिंग ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आई ईडी की टीम ने की। सूत्रों के मुताबिक, महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कुछ संदिग्ध एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए होटल में ठहरे थे। गुप्त सूचना के आधार पर ईडी ने होटल के दो-तीन कमरों में दबिश देकर छापेमारी की और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूछताछ शुरू की।

ईडी ने इससे पहले 16 अप्रैल को जयपुर के सोडाला स्थित एपल रेजीडेंसी में ड्राई फ्रूट व्यापारी भरत दाधीच के फ्लैट पर छापा मारा था। इस दौरान महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े 60 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, जिसमें छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता, दिल्ली और राजस्थान शामिल थे। इन छापों में मनी लॉन्ड्रिंग, क्रिप्टो करेंसी और शैल कंपनियों से जुड़े सबूत मिले थे। जयपुर के कई बड़े व्यापारियों के खाते भी इस बेटिंग ऐप से जुड़े पाए गए, जिनके खिलाफ जांच चल रही है।

महादेव बेटिंग ऐप का अवैध कारोबार

महादेव बुक भारत में सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म में से एक है, जो ऐप और वेबसाइट के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल जैसे खेलों के साथ-साथ चुनाव तक में सट्टा लगाता है। इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है और इसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। ईडी ने पिछले साल इस घोटाले की जांच के दौरान करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी और कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

कैसे शुरू हुआ महादेव बेटिंग ऐप?

महादेव बेटिंग ऐप की शुरुआत छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर और उनके दोस्त रवि उप्पल ने की थी। सौरभ भिलाई में 'जूस फैक्ट्री' नाम से एक छोटी जूस की दुकान चलाता था, जबकि रवि एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर था। 2017 में दोनों ने मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी की वेबसाइट बनाई, जो शुरुआत में ज्यादा सफल नहीं थी। 2019 में सौरभ दुबई चला गया और वहां से उसने रवि के साथ मिलकर महादेव बुक ऑनलाइन ऐप और वेबसाइट लॉन्च की।

सौरभ ने सोशल मीडिया मार्केटिंग और इन्फ्लुएंसर्स के जरिए ऐप को प्रमोट किया और अन्य सट्टेबाजी ऐप्स को खरीदकर कारोबार बढ़ाया। कुछ ही महीनों में इस ऐप से 12 लाख से ज्यादा यूजर्स जुड़ गए, जिनमें सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ के लोग थे। 2021 में कोरोना के दौरान बिना दर्शकों के हुए IPL में इस ऐप के जरिए 2 हजार करोड़ से ज्यादा की सट्टेबाजी हुई। कंपनी का दावा है कि वर्तमान में उसके साथ 99 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हैं।

ईडी की मौजूदा कार्रवाई में होटल फेयर माउंट से मिले दस्तावेज और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। जयपुर के कई व्यापारी और महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े लोग ईडी के रडार पर हैं। इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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