नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल गांधी को बड़ी राहत: कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि यह निजी शिकायत पर आधारित थी, न कि किसी FIR पर। हालांकि, ED को जांच जारी रखने की अनुमति दी गई और दिल्ली पुलिस की नई FIR के आधार पर आगे कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट ने आरोपियों को FIR की कॉपी देने से भी मना कर दिया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 16, 2025 • 1:34 PM  10
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नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल गांधी को बड़ी राहत: कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार
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नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल गांधी को बड़ी राहत: कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत दी है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह चार्जशीट एक निजी शिकायत (भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर) पर आधारित है, न कि किसी प्रेडिकेट ऑफेंस (अनुसूचीबद्ध अपराध) की FIR पर। कानून के अनुसार, ऐसे मामले में संज्ञान लेना संभव नहीं है।कोर्ट ने ED की शिकायत को "डिसमिस" कर दिया, लेकिन एजेंसी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति दे दी। साथ ही, कोर्ट ने एक अलग आदेश में कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपी इस पर दिल्ली पुलिस की EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) द्वारा दर्ज नई FIR की कॉपी पाने के हकदार नहीं हैं।

मामला क्या है? नेशनल हेराल्ड केस की शुरुआत 2012 में हुई, जब सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत में निजी शिकायत दायर की। आरोप था कि कांग्रेस ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) – जो नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित करती थी – को यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YI) नाम की कंपनी के माध्यम से गलत तरीके से हड़प लिया। YI में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 38-38% शेयर हैं (कुल 76%)।ED के अनुसार:कांग्रेस ने AJL को 90 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज दिया। यह कर्ज YI को ट्रांसफर कर दिया गया, जिसने सिर्फ 50 लाख रुपये में AJL के 99% शेयर हासिल कर लिए। AJL की संपत्तियां (दिल्ली, मुंबई आदि में) करीब 2000 करोड़ रुपये से अधिक की थीं। इससे धोखाधड़ी, विश्वासघात और मनी लॉन्ड्रिंग हुई। ED ने अप्रैल 2025 में PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज को आरोपी बनाया गया। दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस का भी नाम था।

कोर्ट का मुख्य तर्क PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस तभी चल सकता है जब प्रेडिकेट ऑफेंस की FIR दर्ज हो। यहां मूल शिकायत निजी थी (CrPC की धारा 200 के तहत), कोई पुलिस FIR नहीं थी। इसलिए ED की जांच और चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता। हालांकि, हाल ही में दिल्ली पुलिस की EOW ने अक्टूबर 2025 में नई FIR दर्ज की है (IPC की धाराएं 420, 406, 120B आदि – धोखाधड़ी, साजिश)। इस आधार पर ED आगे जांच कर सकती है और जरूरत पड़ी तो नई चार्जशीट दाखिल कर सकती है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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