"ऑपरेशन सिंदूर: कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को किया नेस्तनाबूद"

भारतीय सेना के "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने 6-7 मई 2025 को पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की घोषणा की। यह कार्रवाई पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 के आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। राफेल जेट्स और SCALP-EG मिसाइलों से किए गए इस ऑपरेशन में 90-100 आतंकी मारे गए। पाकिस्तान ने इसे "युद्ध की कार्रवाई" करार दिया, जबकि भारत ने केवल आतंकी शिविरों को निशाना बनाने की बात कही।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 8, 2025 • 6:14 PM  34
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"ऑपरेशन सिंदूर: कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को किया नेस्तनाबूद"

कर्नल सोफिया कुरैशी ने लाहौर की हवाई रक्षा प्रणाली को ध्वस्त करने की घोषणा की थी। इसके बजाय, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की जानकारी साझा की थी। यह कार्रवाई 6-7 मई 2025 की रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच हुई थी, जिसका उद्देश्य 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब देना था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे।

ऑपरेशन सिंदूर: पृष्ठभूमि और उद्देश्य

"ऑपरेशन सिंदूर" का नाम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले से प्रेरित है, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, और मारे गए लोगों की विधवाओं के सम्मान में इस अभियान का नाम "सिंदूर" रखा गया। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया और ठोस जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई।

कर्नल सोफिया कुरैशी: नारी शक्ति का प्रतीक

  • पृष्ठभूमि: गुजरात की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी बायोकेमिस्ट्री में पोस्टग्रेजुएट हैं और सेना की सिग्नल कोर में विशेषज्ञता रखती हैं।
  • उपलब्धियां: 2016 में वह संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। उनके दादा और पति भी सेना से जुड़े हैं।
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगदान: कर्नल सोफिया ने ऑपरेशन की रणनीति और सफलता को विस्तार से बताया, जिसने पाकिस्तान के "दो राष्ट्र सिद्धांत" के प्रचार को करारा जवाब दिया।

ऑपरेशन की तकनीकी और रणनीतिक विशेषताएं

  • सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना के राफेल जेट्स और SCALP-EG मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। ये मिसाइलें बंकरों और जमीन के नीचे छिपे ठिकानों को भी नष्ट करने में सक्षम हैं।
  • सटीकता और संयम: भारत ने दावा किया कि ऑपरेशन में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, और किसी भी नागरिक क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचा।
  • संयुक्त अभियान: सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया, जो भारत की सैन्य एकता का प्रतीक बना।

खबर का सार:

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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