पंचायती राज और निकाय चुनावों में देरी: सरकार पर सवाल, आयोग बेबस

राजस्थान में पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों पर परिसीमन और पुनर्गठन के कारण अनिश्चितता बनी हुई है, जिसे लेकर हाईकोर्ट ने सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। सरकार पर देरी और मनमानी के आरोप लग रहे हैं।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 28, 2025 • 4:29 PM  36
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28 Jun 2025
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पंचायती राज और निकाय चुनावों में देरी: सरकार पर सवाल, आयोग बेबस

राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों और 50 से अधिक नगरीय निकायों का कार्यकाल पूरा होने के महीनों बाद भी चुनाव की तारीखें घोषित नहीं हो सकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन और पुनर्गठन का कार्य अभी राज्य सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है, जिसके कारण चुनाव तय समय पर नहीं हो पा रहे हैं। इस मामले ने अब राजस्थान हाईकोर्ट का भी ध्यान खींचा है, जहां सरकार और आयोग से बार-बार जवाब तलब किया जा चुका है।

कार्यकाल समाप्त, प्रशासकों के भरोसे व्यवस्था

प्रदेश की अधिकांश ग्राम पंचायतों का कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त हो चुका है, जबकि कई नगरीय निकायों का कार्यकाल भी पिछले साल नवंबर में पूरा हो गया था। चुनाव न होने की स्थिति में सरकार ने सरपंचों और अन्य पदों पर प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है। यह व्यवस्था स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रही है। कई स्थानों पर छोटे-मोटे कामों के लिए फाइलें जिला कलेक्टर और अपर जिला कलेक्टर कार्यालयों तक पहुंच रही हैं, जिससे स्वीकृतियों में देरी हो रही है।

हाईकोर्ट का सख्त रुख

चुनाव में देरी का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ ने सरकार को 4 फरवरी 2025 के आदेश की पालना में चुनाव का शेड्यूल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। हालांकि, सरकार और निर्वाचन आयोग ने अब तक कोई स्पष्ट तारीख नहीं दी है। याचिकाकर्ता के वकील प्रेमचंद देवंदा ने बताया कि हाईकोर्ट ने तीन बार सरकार और आयोग से जवाब मांगा, लेकिन हर बार अस्पष्ट जवाब ही मिला। आयोग का कहना है कि उसने सरकार को कई बार पत्र लिखकर परिसीमन और आरक्षण से जुड़ी जानकारी मांगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। कोर्ट ने अगली सुनवाई 7 अप्रैल 2025 को निर्धारित की है और चेतावनी दी है कि यदि स्पष्ट शेड्यूल पेश नहीं किया गया तो सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

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