जाट समाज के नेताओं को पैर छूने की आदत पर बेनीवाल की तंज, कहा- अपने समाज के नेताओं का करें सम्मान
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जाट नेताओं के सचिन पायलट के पैर छूने पर तंज कसा और वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत व भजनलाल शर्मा पर सियासी हमला बोला। उन्होंने जाट-सिख एकता की वकालत करते हुए कहा कि दोनों मिलकर देश की सत्ता हासिल कर सकते हैं।
नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की सियासत में एक बार फिर तीखे बयानों से हलचल मचा दी है। उन्होंने जाट समाज के कुछ नेताओं पर सचिन पायलट के पैर छूने की आदत को लेकर तंज कसा और कहा कि जाट समाज में पायलट से कहीं अधिक समझदार नेता मौजूद हैं। बेनीवाल ने अपने बेबाक अंदाज में न केवल जाट नेताओं की आलोचना की, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत और वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी सियासी हमले किए।
जाट और सिखों का डीएनए एक, साथ आएं तो बदल सकती है सत्ता की तस्वीर
हनुमान बेनीवाल ने जाट और सिख समुदायों के बीच एकता की वकालत करते हुए कहा कि दोनों का डीएनए एक है। उन्होंने दावा किया कि अगर ये दोनों समुदाय एकजुट हो जाएं, तो देश की सत्ता पर कब्जा कर सकते हैं। बेनीवाल ने कहा, “हमारी जाति से 400-500 साल पहले कई पंथ बने। जाट समाज के 95-98% लोगों ने सिख धर्म अपनाया। विश्नोई, जोगी, नाथ, बंजारा, गवारिया जैसे कई समुदाय जाटों से टूटकर बने। हमारी कौम हर किसी का सम्मान करती है, लेकिन बार-बार हमें बहकाया जाता है कि इस बार आपका सीएम बनेगा, और फिर कोई और सीएम बन जाता है।”
पुरानी सियासत पर बेनीवाल का तंज: “बिजली आएगी तो करंट लगेगा”
बेनीवाल ने पुराने नेताओं की सियासत पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले के नेता लोगों को बेवकूफ बनाकर वोट लेते थे। “वे कहते थे कि बिजली आएगी तो करंट लगेगा, लड़कियां पढ़ेंगी तो भाग जाएंगी, नहर नहीं चाहिए क्योंकि उसमें गंदा पानी और लाशें आती हैं। लोग ताली बजाते थे, लेकिन अब समय बदल गया है। हमें इन हालातों से बाहर निकलना होगा।”