राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी बेलगाम होने के कांग्रेस के आरोप: सीकर विवाद से शुरू हुई बहस
राजस्थान में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ब्यूरोक्रेसी पूरी तरह बेलगाम हो गई है। सीकर में वन मंत्री संजय शर्मा और कलेक्टर मुकुल शर्मा के बीच हुई बहस को उदाहरण देते हुए डोटासरा ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की नहीं सुन रहे। बीकानेर, जयपुर, उदयपुर समेत कई जिलों में मंत्री-सांसदों की शिकायतों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने सरकार पर सुशासन के दावों की पोल खोलने का आरोप लगाया।
राजस्थान में भाजपा की भजनलाल शर्मा सरकार पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ब्यूरोक्रेसी पूरी तरह बेलगाम हो गई है। जनप्रतिनिधियों की नहीं सुनी जा रही और अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। यह आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्य रूप से उठाए हैं, जो सीकर जिले से जुड़े एक विवाद से शुरू हुए।
सीकर विवाद की शुरुआत मामला सीकर जिले का है, जहां वन मंत्री संजय शर्मा (या प्रभारी मंत्री) और जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा के बीच जनसुनवाई या किसी कार्यक्रम के दौरान बहस हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और वीडियो में दिखा कि मंत्री और कलेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस का दावा है कि यह तस्वीर पूरे राजस्थान की हकीकत बयां करती है – अधिकारी जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं कर रहे।कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने इस विवाद को "अहंकार की लड़ाई" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के शिविरों में लोगों के काम नहीं हो रहे, जैसा कि वीडियो में साफ दिख रहा है। नगरीय विकास मंत्री के सीकर में होने के बावजूद नगर परिषद के अधिकारी गायब थे, जो कई सवाल खड़े करता है। गठाला ने कहा कि इस सरकार में अधिकारी बेलगाम हो गए हैं – न मुख्यमंत्री की सुनते हैं, न मंत्रियों-विधायकों की। जनसुनवाई बंद कर दी गई है, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी, जंगल-जमीन की लड़ाई और रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रही है।