राजस्थान में घने कोहरे का कहर: धौलपुर में पार्वती नदी में दो कारें पलटीं, 22-23 दिसंबर को शीतलहर की चेतावनी, क्रिसमस से बढ़ेगी सर्दी, भिवाड़ी की हवा फिर जहरीली
राजस्थान में घने कोहरे के कारण धौलपुर में पार्वती नदी में दो कारें पलट गईं। मौसम विभाग ने 22-23 दिसंबर को 10 जिलों में कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है। क्रिसमस से सर्दी और तेज होगी, जबकि भिवाड़ी में AQI 300 के पार पहुंचकर हवा जहरीली हो गई है।
राजस्थान में इन दिनों मौसम ने करवट ले ली है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिसके कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसी के साथ अलवर, धौलपुर, भरतपुर और करौली जैसे जिलों में घने कोहरे का असर तेज हो गया है। सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो जाने से सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नेशनल और स्टेट हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, और सुबह का ट्रैफिक काफी कम रहा है।
धौलपुर में कोहरे से बड़ा हादसा सबसे गंभीर घटना धौलपुर जिले में हुई। शुक्रवार देर रात घने कोहरे के कारण टिहरी गांव के पास पार्वती नदी में दो कारें पलट गईं। कम विजिबिलिटी के चलते ड्राइवरों को सड़क का सही अंदाजा नहीं लग सका, और दोनों वाहन नदी में जा गिरे। शुक्र है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन यह घटना कोहरे के खतरे को रेखांकित करती है। शेखावाटी क्षेत्र और भरतपुर संभाग में भी शनिवार सुबह हल्का से घना कोहरा छाया रहा, जिससे सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है। धौलपुर और भरतपुर में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया।
मौसम विभाग की चेतावनी: 22 और 23 दिसंबर को घना कोहरा और शीतलहर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के 10 जिलों में 22 और 23 दिसंबर को घने कोहरे और शीतलहर की यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली सहित पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के इलाके शामिल हैं। विभाग के अनुसार, क्रिसमस (24-25 दिसंबर) से मौसम में फिर बदलाव आएगा और सर्दी तेज हो जाएगी। न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर का दौर शुरू हो सकता है। वर्तमान में राज्य के कई हिस्सों में सुबह-शाम सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे ठंड का एहसास और बढ़ गया है। राजस्थान में दिसंबर का महीना आमतौर पर घने कोहरे और शीतलहर के लिए जाना जाता है। इस बार भी पूर्वी राजस्थान में कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, जबकि सीमावर्ती इलाकों जैसे जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर में भी कोहरे की चादर छाई रही है।