राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान, मानसून में'हरियालो राजस्थान' मिशन में 10 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में राज्य वन्यजीव मण्डल की 15वीं बैठक में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता को राजस्थान की गौरवशाली पहचान बताया। 89 स्वीकृति प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, मानसून में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया, और हर गांव-शहर में वन मित्र व वृक्ष मित्र बनाने का निर्देश दिया। लैन्टाना उन्मूलन, जूली फ्लोरा हटाने, और साइबेरियन क्रेन की वापसी के लिए कार्ययोजना पर जोर दिया गया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
June 24, 2025 • 9:35 AM  19
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राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान, मानसून में'हरियालो राजस्थान' मिशन में 10 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प
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24 Jun 2025
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राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान, मानसून में'हरियालो राजस्थान' मिशन में 10 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वन्यजीवों और जैव विविधता को राज्य की गौरवशाली पहचान बताते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन को सरकार की प्राथमिकता बताया। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राज्य वन्यजीव मण्डल की 15वीं बैठक में उन्होंने वन्यजीव प्रबंधन की प्रभावी मॉनिटरिंग और जन भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, और विकास कार्यों से संबंधित कई अहम निर्णय लिए गए।

वन्यजीव संरक्षण को गति: 89 प्रस्तावों को मंजूरी

बैठक में 89 वन्यजीव स्वीकृति प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया, जिनमें से 65 प्रस्ताव पहले सर्कुलेशन के माध्यम से और 24 प्रस्ताव बैठक के दौरान मंजूर किए गए। इन स्वीकृतियों से वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने वन्यजीव संसाधनों के प्रचार-प्रसार और विशेषज्ञों से सुझाव लेने के निर्देश भी दिए।

प्रकृति संरक्षण: पुण्य के समान

मुख्यमंत्री ने वनों को राजस्थान की अमूल्य विरासत करार देते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण पुण्य के समान है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे कदमों पर ध्यान देने की बात कही। इस क्रम में, लैन्टाना (एक हानिकारक खरपतवार) उन्मूलन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दी गई। साथ ही, जूली फ्लोरा को जन सहयोग से हटाकर उनके स्थान पर देशी प्रजातियों के पौधे लगाने का अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

साइबेरियन क्रेन की वापसी की उम्मीद

श्री शर्मा ने साइबेरियन क्रेन जैसे प्रवासी पक्षियों को पुनः राजस्थान में लाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा वन्यजीव संरक्षण में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

'हरियालो राजस्थान' मिशन: 10 करोड़ पौधों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 'मिशन हरियालो राजस्थान' के तहत मानसून में 10 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर गांव और शहर में 'वन मित्र' और 'वृक्ष मित्र' बनाए जाएंगे, जो सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देंगे। यह अभियान न केवल हरित आवरण बढ़ाएगा, बल्कि जन जागरूकता और भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा।

विकास और संरक्षण में संतुलन

बैठक में वन्य क्षेत्रों में विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा, समिति सदस्यों, विभागीय अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकास और संरक्षण में संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

नवाचार और तकनीक का सहारा

वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार और तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया। इससे पहले, विश्व वानिकी दिवस पर मुख्यमंत्री ने 'डिजी-वन-फोरेस्ट स्टैक' ऐप लॉन्च किया था, जो देश का पहला डिजिटल फॉरेस्ट स्टैक है। इस तरह की पहलें वन प्रबंधन को और पारदर्शी व प्रभावी बनाएंगी।

राज्य वन्यजीव मण्डल की 15वीं बैठक राजस्थान के पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार न केवल जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप देकर भावी पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा और स्वस्थ राजस्थान बनाने का संकल्प ले रही है 

Basanti Parmar

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

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