राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान, मानसून में'हरियालो राजस्थान' मिशन में 10 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में राज्य वन्यजीव मण्डल की 15वीं बैठक में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता को राजस्थान की गौरवशाली पहचान बताया। 89 स्वीकृति प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, मानसून में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया, और हर गांव-शहर में वन मित्र व वृक्ष मित्र बनाने का निर्देश दिया। लैन्टाना उन्मूलन, जूली फ्लोरा हटाने, और साइबेरियन क्रेन की वापसी के लिए कार्ययोजना पर जोर दिया गया।
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने वन्यजीवों और जैव विविधता को राज्य की गौरवशाली पहचान बताते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन को सरकार की प्राथमिकता बताया। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राज्य वन्यजीव मण्डल की 15वीं बैठक में उन्होंने वन्यजीव प्रबंधन की प्रभावी मॉनिटरिंग और जन भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, और विकास कार्यों से संबंधित कई अहम निर्णय लिए गए।
वन्यजीव संरक्षण को गति: 89 प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में 89 वन्यजीव स्वीकृति प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया, जिनमें से 65 प्रस्ताव पहले सर्कुलेशन के माध्यम से और 24 प्रस्ताव बैठक के दौरान मंजूर किए गए। इन स्वीकृतियों से वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने वन्यजीव संसाधनों के प्रचार-प्रसार और विशेषज्ञों से सुझाव लेने के निर्देश भी दिए।