बाड़मेर में 'जय हिंद' होटल पर विवाद: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर और नॉनवेज बिक्री के आरोप में हंगामा
राजस्थान के बाड़मेर में 'जय हिंद होटल' पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगाने और नॉनवेज बेचने के आरोप में बजरंग दल व भाजपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। उन्होंने होटल का बैनर और तस्वीर हटा दी। होटल संचालक कमल भैरवानी ने कहा कि वे सिर्फ अंडे बेचते हैं और नेताजी उनके भी आदर्श हैं। पास के जैन मंदिर के कारण आपत्ति जताई गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
राजस्थान के बाड़मेर शहर में एक होटल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। होटल का नाम 'जय हिंद' है और उस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगी हुई थी। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यह होटल नॉनवेज (मांसाहारी भोजन) बेचता है, जो नेताजी की तस्वीर के साथ उचित नहीं है। इस आरोप के आधार पर भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने होटल पर पहुंचकर हंगामा किया और होटल का नाम वाला बैनर तथा नेताजी की तस्वीर हटा दी। यह घटना बाड़मेर शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र के पास स्थित अम्बर कॉम्प्लेक्स की है। कॉम्प्लेक्स के नीचे 'जय हिंद होटल' चल रहा है। विवाद की जड़ यह है कि होटल के पास एक जैन मंदिर है और आसपास स्कूल भी स्थित है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नॉनवेज बेचने वाली दुकान मंदिर और धार्मिक भावनाओं के करीब होने से आपत्तिजनक है। इसके अलावा, होटल का नाम 'जय हिंद' रखना और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगाना भी उन्हें अस्वीकार्य लगा, क्योंकि उनका मानना है कि नॉनवेज बेचने वाले स्थान पर स्वतंत्रता सेनानी की तस्वीर लगाना उनकी गरिमा का अपमान है।
प्रदर्शनकारियों का पक्ष बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ता होटल पर पहुंचे और होटल संचालक से बहस की। बजरंग दल के कार्यकर्ता देवाराम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि होटल में नॉनवेज बेचा जा रहा है, जबकि पास में जैन मंदिर और स्कूल है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होटल नहीं हटाया गया तो वे आग लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। देवाराम के अनुसार, स्थानीय दुकानदारों, मंदिर कमेटी और आसपास के लोगों ने नॉनवेज बिक्री को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन उन्हें खुद होटल पर आना पड़ा और नेताजी की तस्वीर तथा बैनर हटा दिया।प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि मंदिर के रास्ते में यह होटल होने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है और धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।