बाड़मेर में अशुद्ध घी के खिलाफ सख्त कार्रवाई: 6 फर्मों के सैंपल फेल, वेदांत ब्रांड का घी सीज
बाड़मेर में खाद्य सुरक्षा विभाग के वार अभियान के तहत 6 फर्मों के घी के सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए, रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। इसी कड़ी में वेदांत ब्रांड का संदिग्ध घी सीज कर सैंपल जांच के लिए भेजा गया। मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज।
बाड़मेर, 21 नवंबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में अशुद्ध आहार के खिलाफ चल रहे अभियान 'वार अभियान' के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेज कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में घी की गुणवत्ता पर शिकंजा कसते हुए फूड इंस्पेक्टरों ने हाल ही में 6 फर्मों से लिए गए सैंपल की जांच की, जिसमें सभी सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए। इन जांच रिपोर्टों को कोर्ट में पेश कर कानूनी कार्रवाई की शुरुआत कर दी गई है। इसी क्रम में, संदिग्ध घी ब्रांड 'वेदांत' का एक सैंपल लेकर तत्काल सीज कर दिया गया है, जिससे स्थानीय बाजार में हड़कंप मच गया है।
अभियान का उद्देश्य और पृष्ठभूमि; बाड़मेर जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिलावटी और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों से बचाना है। जिले में पिछले कुछ महीनों से मिलावटी मसालों, तेल और घी के मामले सामने आ रहे थे, जिसके चलते 'वार अभियान' को तेजी से लागू किया गया। अभियान के तहत फूड इंस्पेक्टर विभिन्न बाजारों, दुकानों और वितरकों के गोदामों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। अब तक सैकड़ों सैंपल लिए जा चुके हैं, और कई मामलों में जुर्माना व सीज की कार्रवाई हो चुकी है।इस अभियान की शुरुआत जून 2025 में हुई थी, जब बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में मिलावटी घी के सेवन से कई स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं। विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न गुणवत्ता वाला घी पेट संबंधी बीमारियों, एलर्जी और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। अभियान के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और आने वाले दिनों में और अधिक सैंपलिंग की जाएगी।
वेदांत ब्रांड घी पर कार्रवाई: संदेह के आधार पर सीज; सबसे ताजा मामला वेदांत ब्रांड घी से जुड़ा है, जिसका सैंपल बाड़मेर शहर के एक प्रमुख बाजार से लिया गया। फूड इंस्पेक्टर की टीम ने दुकान पर छापा मारा और घी के पैकेटों की पैकेजिंग, लेबलिंग और सामग्री की प्रारंभिक जांच की। सैंपल लेने के दौरान ही संदेहास्पद गंध और बनावट के आधार पर लगभग 200 किलोग्राम घी को तत्काल सीज कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, घी में आवश्यक वसा अम्लों की कमी और मिलावटी पदार्थों (जैसे वनस्पति तेल) की मौजूदगी पाई गई, जो FSSAI के मानकों का उल्लंघन है।सैंपल को सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। यदि रिपोर्ट नकारात्मक आई, तो संबंधित फर्म पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है। वेदांत ब्रांड की फर्म, जो गुजरात आधारित बताई जा रही है, ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्थानीय दुकानदार ने बताया कि यह ब्रांड सस्ते दामों पर लोकप्रिय था, लेकिन अब ग्राहक सतर्क हो गए हैं।