अतिक्रमण हटाने पहुंचे अफसरों से भिड़े पूर्व सरपंच के ससुर, तहसीलदार बोले- ‘अपनी औकात में रह’, DSP ने कहा- ‘गाड़ी में बैठाओ’
बाड़मेर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पूर्व सरपंच के ससुर और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व सरपंच के ससुर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद तहसीलदार, DSP और ASP को हस्तक्षेप करना पड़ा। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह प्रशासन की टीम ग्राम पंचायत बाड़मेर ग्रामीण की खसरा संख्या 2546/1211 स्थित आगौर भूमि पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इस दौरान तहसीलदार हुक्मीचंद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नितेश आर्य और DSP रमेश कुमार शर्मा सहित पुलिस बल मौजूद था।
कार्रवाई के दौरान कई कच्चे निर्माण हटाए गए, लेकिन एक कमरे को नहीं तोड़े जाने पर पूर्व सरपंच के ससुर खैराजराम प्रजापत मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाने लगे।
खैराजराम प्रजापत ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर हुए कब्जों के लिए तहसीलदार जिम्मेदार हैं और उनके पास इसके सबूत भी मौजूद हैं। इस आरोप पर तहसीलदार हुक्मीचंद नाराज हो गए।
बहस के दौरान तहसीलदार ने कहा, "होश में बोलना, तुरंत टिका दूंगा याद रखना।" वहीं प्रजापत ने जवाब दिया कि वे किसी मुकदमे या कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
तहसीलदार ने आगे कहा, "अपनी औकात में रह, यहां से भाग जा, बकवास कर रहा है।" इसके बाद दोनों के बीच बहस और तेज हो गई।
विवाद बढ़ता देख DSP रमेश कुमार शर्मा ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने प्रजापत पर बिना सबूत आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों से कहा, "उठाओ इसको, गाड़ी में डालो।"
इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें वहां से हटाकर ले गए। हालांकि कुछ देर बाद उनके समर्थक मौके पर धरने पर बैठ गए और कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।
खैराजराम प्रजापत ने ASP नितेश आर्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक विशेष निर्माण को बचाया जा रहा है। इस पर ASP भड़क गए और बोले, "क्या बकवास कर रहे हो? किसी का कोई लगाव नहीं है। वहां जाकर बैठ जाओ।"
ASP ने साफ कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई नियमों के अनुसार की जा रही है और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा।
प्रशासन के अनुसार संबंधित सरकारी भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण हो रहा था। कई लोगों ने वहां स्थायी और पक्के निर्माण भी कर लिए थे। शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की और अवैध निर्माण हटाने का अभियान चलाया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अधिकारियों और पूर्व सरपंच के ससुर के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और गिरफ्तारी की चेतावनी साफ सुनाई दे रही है।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
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