राजस्थान में गणगौर का उत्सव: शाही ठाठ-बाट के साथ निकलीं भव्य सवारियां – जयपुर में 210 लोक कलाकारों की प्रस्तुति, जोधपुर में 2 करोड़ के गहनों से सजी माता, उदयपुर में 'भूत' की डरावनी झांकी
राजस्थान में गणगौर 2026 बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। जयपुर में शाही सवारी निकली जिसमें 210 लोक कलाकारों ने घूमर, कालबेलिया, गेर आदि नृत्य किए और त्रिपोलिया गेट पर पूर्व राजपरिवार के पुरोहित ने आरती उतारी। जोधपुर में गवर माता को 2 करोड़ रुपये के सोने के गहनों से सजाकर राखी हाउस से घंटाघर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। उदयपुर में दातन हेला के दौरान भूत की डरावनी झांकी मुख्य आकर्षण रही। यह त्योहार विवाहित महिलाओं के सुहाग और अविवाहित कन्याओं के लिए वर प्राप्ति का प्रतीक है, जिसमें राजसी ठाठ-बाट और लोक संस्कृति झलक रही है।
राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं का सबसे रंगीन और भव्य त्योहार गणगौर आज (21 मार्च 2026) बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस पर्व पर राज्य के प्रमुख शहरों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर सहित कई जिलों में शाही लवाजमे और पारंपरिक उत्साह के साथ गणगौर माता की सवारी निकाली गई। यह उत्सव विवाहित महिलाओं के लिए सुहाग की कामना और अविवाहित कन्याओं के लिए सुयोग्य वर प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है, जहां मां पार्वती (गौर) और भगवान शिव (गण) के मिलन की खुशी मनाई जाती है।
