स्वच्छता पर हाईकोर्ट का सख्त रुख,एक हफ्ते में ठोस प्लान न देने पर नगर निगम पर भारी पड़ेगा, कचरा-मलबा संकट का समाधान जरूरी.

जोधपुर की सड़कों पर कचरे का ढेर और निर्माण मलबे का मायाजाल अब हाईकोर्ट के रडार पर है! राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है कि शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन के लिए ठोस योजना पेश करें, वरना कार्रवाई तय है। महेश गहलोत की याचिका पर जस्टिस दिनेश मेहता और संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह सख्त आदेश दिया। क्या सूर्य नगरी फिर से चमकेगी? अब निगम पर सबकी नजर!

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 17, 2025 • 1:39 PM  20
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
स्वच्छता पर हाईकोर्ट का सख्त रुख,एक हफ्ते में ठोस प्लान न देने पर नगर निगम पर भारी पड़ेगा, कचरा-मलबा संकट का समाधान जरूरी.
“स्वच्छता पर हाईकोर्ट का सख्त रुख,एक हफ्ते में ठोस प्लान न देने पर नगर निगम पर भारी पड़ेगा, कचरा-मलबा संकट का समाधान जरूरी.”
Favicon
Read more on thekhatak.com
17 Sep 2025
https://thekhatak.com/high-court-strict-on-cleanliness-jodhpur-municipal-corporation-given-one-week-for-solid-plan
Google News
Copied
स्वच्छता पर हाईकोर्ट का सख्त रुख,एक हफ्ते में ठोस प्लान न देने पर नगर निगम पर भारी पड़ेगा, कचरा-मलबा संकट का समाधान जरूरी.

जोधपुर, 17 सितंबर 2025: राजस्थान की सूर्य नगरी जोधपुर में गंदगी का अंबार लगता जा रहा है, लेकिन अब कोर्ट ने साफ कह दिया है- अब बहाने नहीं चलेंगे! राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर नगर निगम को शहर की लचर सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक हफ्ते का अल्टीमेटम थमा दिया है। अगर समय पर विस्तृत योजना नहीं सौंपी गई, तो निगम को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह आदेश ठोस कचरे के ढेर और निर्माण मलबे की समस्या से जूझते शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत है, लेकिन सवाल यह है कि क्या निगम इस चुनौती को स्वीकार कर पाएगा?

मामले की पृष्ठभूमि: याचिका से शुरू हुई सफाई की जंग

यह मामला महेश गहलोत नामक एक स्थानीय निवासी की जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है, जिसमें शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जोधपुर की सड़कों पर कचरे के ढेर, नालियों में रुकावट और निर्माण स्थलों पर बिखरा मलबा न सिर्फ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा रहा है, बल्कि पर्यावरण और शहर की छवि को भी धूमिल कर रहा है। खासकर मानसून के बाद की स्थिति और भी खराब हो गई है, जहां जलभराव के साथ कचरा बहकर मुख्य सड़कों पर फैल जाता है।हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को सुनवाई की। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। बेंच ने कहा, "शहर की सफाई निगम का संवैधानिक दायित्व है। बार-बार शिकायतें आने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निगम को अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले (यानी 24 सितंबर तक) एक विस्तृत कार्यान्वयन योजना पेश करनी होगी।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter