क्यों है आज का दिन खास,"गौ-बछड़े" की पूजा के साथ माताएं कर रहीं पुत्रों की दीर्घायु की कामना.

जोधपुर में आज बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। माताएं गाय और बछड़े की पूजा कर अपने पुत्रों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रही हैं। इस दिन चाकू से कटी सब्जियां और गाय का दूध वर्जित है, जबकि बाजरे की रोटी, मूंग, और मोठ का उपयोग होता है। माताएं अपने बच्चों को तिलक लगाकर लड्डू खिलाती हैं। यह पर्व हिंदू धर्म में गाय की पवित्रता और मातृ-पुत्र स्नेह का प्रतीक है, जो भगवान श्रीकृष्ण और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 20, 2025 • 10:42 AM  30
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क्यों है आज का दिन खास,"गौ-बछड़े" की पूजा के साथ माताएं कर रहीं पुत्रों की दीर्घायु की कामना.
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क्यों है आज का दिन खास,"गौ-बछड़े" की पूजा के साथ माताएं कर रहीं पुत्रों की दीर्घायु की कामना.

जोधपुर, 20 अगस्त 2025: सूर्य नगरी जोधपुर में आज बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) का पर्व धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है, जो इस वर्ष 20 अगस्त को पड़ रहा है। इस अवसर पर माताएं अपने पुत्रों की लंबी आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए गाय और बछड़े की पूजा कर रही हैं। इस दिन गाय के दूध और चाकू से कटी सब्जियों का सेवन वर्जित है, जबकि बाजरे की रोटी, मूंग, मोठ और अंकुरित अनाज का उपयोग भोजन में किया जाता है। साथ ही, माताएं अपने पुत्रों को तिलक लगाकर लड्डू खिलाने की परंपरा का भी पालन कर रही हैं। 

बछ बारस का महत्व और हिंदू धर्म में स्थान

हिंदू धर्म में बछ बारस का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पर्व गाय और बछड़े को समर्पित है, जिन्हें सनातन धर्म में पवित्र और पूजनीय माना जाता है। पुराणों के अनुसार, गाय के शरीर में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। गाय की पीठ पर ब्रह्मा, गले में विष्णु, मुख में रुद्र, और रोम-रोम में समस्त तीर्थों का निवास बताया जाता है। इस दिन गाय और बछड़े की पूजा करने से भगवान श्रीकृष्ण विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं, क्योंकि उनका जीवन गायों और गोपालन के इर्द-गिर्द रहा। श्रीकृष्ण को "गोपाल" के नाम से भी जाना जाता है, जो गायों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। 

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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